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	<title>DivyaV &#8211; Divy Vichar | दिव्य विचार</title>
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	<title>DivyaV &#8211; Divy Vichar | दिव्य विचार</title>
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		<title> हर सिम का क्यों कटा होता है कोना? ज्यादातर लोग नहीं जानते असली वजह</title>
		<link>https://newsx.in/archives/51</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[DivyaV]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 25 Jan 2026 18:14:35 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[क्या आपने कभी SIM कार्ड को ध्यान से देखा है? लगभग हर SIM कार्ड का एक कोना कटा हुआ होता है। मजे की बात यह है कि चाहे वह भारत हो, अमेरिका हो, जापान हो या यूरोप, दुनिया के लगभग हर देश में SIM कार्ड का शेप और कटा हुआ कोना एक जैसा ही दिखता &#8230;]]></description>
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<p>क्या आपने कभी SIM कार्ड को ध्यान से देखा है? लगभग हर SIM कार्ड का एक कोना कटा हुआ होता है। मजे की बात यह है कि चाहे वह भारत हो, अमेरिका हो, जापान हो या यूरोप, दुनिया के लगभग हर देश में SIM कार्ड का शेप और कटा हुआ कोना एक जैसा ही दिखता है। बहुत से लोग सोचते हैं कि यह सिर्फ एक डिजाइन है, लेकिन सच्चाई कुछ और ही है।</p>



<p>दरअसल, SIM कार्ड पर यह कटा हुआ कोना असल में एक छोटा लेकिन बहुत जरूरी एलाइनमेंट गाइड है जो आपके फोन और आपके SIM कार्ड दोनों को नुकसान से बचा सकता है। अगर आपको भी नहीं पता कि SIM कार्ड का एक हिस्सा क्यों कटा होता है और यह आइडिया कहां से आया, तो आइए आज इसे आसान शब्दों में समझते हैं।</p>



<h2 class="wp-block-heading">पहले कैसा होता था SIM Card?</h2>



<p>जानकारी के मुताबिक, SIM Card की शुरुआत 1990 के शुरुआती समय में हुई थी। उस टाइम सिम कार्ड आज के नैनो सिम की तरह छोटे नहीं थे, बल्कि क्रेडिट कार्ड जितने बड़े हुआ करते थे। इसके बाद जैसे-जैसे डिवाइस छोटे और पतले हुए तो SIM Card भी छोटे होते गए। इसी बदलाव के दौरान सिम के अलग-अलग साइज सामने आए, जहां हमें पहले Mini SIM फिर Micro सिम और इसके बाद Nano सिम देखा जो आज भी इस्तेमाल हो रहा है। हालांकि साइज चेंज होता गया, लेकिन सिम का एक कोना कटा हुआ बरकरार रहा।</p>



<h2 class="wp-block-heading">…तो क्या है SIM का कोना कटा होने की असली वजह?</h2>



<p>हर SIM के बीच में एक गोल्डन कलर की चिप लगी होती है, जो फोन के SIM स्लॉट में लगे SIM रीडर से कनेक्ट होती है। ऐसे में अगर SIM कार्ड उल्टी दिशा में या गलत एंगल पर लग जाए तो इससे SIM की चिप खराब हो सकती है और यहां तक कि फोन का SIM रीडर भी डैमेज हो सकता है। इसी समस्या से बचाने के लिए SIM Card का एक कोना काटा गया था ताकि वो एक दिशा में ही फिट हो जाए। यानी आसान शब्दों में कहें तो ये ‘कटा हुआ कोना’ एक तरह से Alignment Guide है, जो SIM को गलत तरीके से लगने से रोकता है।</p>
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		<title>इन एग्जाम से चुनें फूड सेफ्टी की फील्ड में सुनहरा भविष्य</title>
		<link>https://newsx.in/archives/48</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[DivyaV]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 25 Jan 2026 18:13:14 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[हमारा देश जनसंख्या के लिहाज से दुनिया का सबसे बड़ा देश है। ऐसे में यहां रह रहे लोगों के लिए फूड इंडस्ट्री बेहद अहम किरदार निभाती है। फूड सेफ्टी देश में खाद्यान्न के भंडारण और वितरण का काम करता है। ऐसे में इसे चलाने के लिए प्रति वर्ष सरकार की ओर से भर्ती की जाती &#8230;]]></description>
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<p>हमारा देश जनसंख्या के लिहाज से दुनिया का सबसे बड़ा देश है। ऐसे में यहां रह रहे लोगों के लिए फूड इंडस्ट्री बेहद अहम किरदार निभाती है। फूड सेफ्टी देश में खाद्यान्न के भंडारण और वितरण का काम करता है। ऐसे में इसे चलाने के लिए प्रति वर्ष सरकार की ओर से भर्ती की जाती है। यह नियुक्तियां फूड सेफ्टी ऑफिसर या क्वालिटी कंट्रोल से जुड़े पदों पर भर्ती होती है। इन भर्तियों की डिटेल आप यहां से चेक करके इस क्षेत्र में अपने करियर को नई दिशा दे सकते हैं।</p>



<h2 class="wp-block-heading">भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण भर्ती</h2>



<p>यह देश की शीर्ष फूड रेगुलेटरी संस्था है। यहां फूड सेफ्टी ऑफिसर, टेक्निकल ऑफिसर और सेंट्रल फूड सेफ्टी ऑफिसर जैसे पदों पर भर्ती होती है। इसके लिए फूड टेक्नोलॉजी, बायोटेक्नोलॉजी आदि विषयों में डिग्री जरूरी है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">राज्य लोक सेवा आयोग द्वारा होती हैं FSO की भर्तियां</h2>



<p>अलग-अलग राज्यों में राज्य लोक सेवा आयोग जैसे RPSC (राजस्थान), UPPSC (उत्तर प्रदेश), BPSC (बिहार) के माध्यम से हर साल भर्ती की जाती है। इसमें राज्य फूड सेफ्टी ऑफिसर के पद भरे जाते हैं।</p>



<p>भारत में फूड एनालिस्ट की मांग लगातार बढ़ रही है। इसकी मुख्य वजह फूड सेफ्टी कानूनों का सख्त होना, प्रोसेस्ड और पैकेज्ड फूड इंडस्ट्री का तेजी से विस्तार और FSSAI की निगरानी बढ़ना है। अनुमान के मुताबिक, 2025-26 में सरकारी और निजी सेक्टर मिलाकर करीब 3,000 से 5,000 फूड एनालिस्ट और फूड टेस्टिंग से जुड़ी नौकरियों की जरूरत होगी।</p>



<p>ऐसे में आप इन भर्तियों की तैयारी करके फील्ड सेफ्टी क्षेत्र में अपने करियर को नया आयाम दे सकते हैं। इन पदों पर नियुक्त होने वाले युवाओं को बेहतर वेतन के साथ ही सरकार की ओर से मिलने वाली सुविधाएं भी प्रदान की जाती हैं।</p>
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		<title>कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और अरब देश भी चखेंगे पंजाब के टमाटर का स्वाद</title>
		<link>https://newsx.in/archives/30</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[DivyaV]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 25 Jan 2026 17:47:12 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और अरब देश अब जल्द ही पंजाब के टमाटर का भी स्वाद चखेंगे। पंजाब स्टेट कोऑपरेटिव सप्लाई एंड मार्केटिंग फेडरेशन लिमिटेड (मार्कफेड) इन देशों को टमाटर प्यूरी और कैचअप का निर्यात करने की तैयारी कर रहा है। मार्कफेड किसानों के साथ अनुबंध करेगा जिससे किसानों की आमदन बढ़ाने में भी फायदा होगा। अभी &#8230;]]></description>
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<p>कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और अरब देश अब जल्द ही पंजाब के टमाटर का भी स्वाद चखेंगे। पंजाब स्टेट कोऑपरेटिव सप्लाई एंड मार्केटिंग फेडरेशन लिमिटेड (मार्कफेड) इन देशों को टमाटर प्यूरी और कैचअप का निर्यात करने की तैयारी कर रहा है। मार्कफेड किसानों के साथ अनुबंध करेगा जिससे किसानों की आमदन बढ़ाने में भी फायदा होगा। अभी फिलहाल मार्कफेड इन देशों के लिए साग का निर्यात कर रहा है।</p>



<p>मार्कफेड टमाटर से बनाई प्यूरी और कैचअप की 20 हजार बोटल अभी तैयार कर रहा है जिनकी खपत फिलहाल प्रदेश के घरेलू बाजार में हो जाती है लेकिन अब वह कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और अरब देशों में भी इनके निर्यात पर काम कर रहा है। इस निर्यात की मांग को पूरा करने के लिए एक लाख बोटल तैयार की जाएगी। वहां टमाटर प्यूरी और कैचअप की मांग भी है और साथ ही सूबे में फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने में भी मदद मिलेगी।</p>



<p>मार्कफेड किसानों के साथ अनुबंध करेगा जिसके तहत किसान उसकी मांग के अनुरूप टमाटर उगाकर देंगे। फिलहाल जालंधर में इसकी शुरुआत करने की तैयारी की जा रही है क्योंकि वहां मार्कफेड का स्टेट ऑफ द आर्ट प्लांट है। वहां टमाटर से कैचअप और प्यूरी तैयार की जाएगी। प्यूरी जल्दी खराब भी नहीं होती है जिससे प्लांट में इसे तैयार करके रखा जा सकेगा।<br>टमाटर के सीजन खत्म होने के बाद मांग के अनुरूप भी प्यूरी उपलब्ध रहेगी। अगर सूबे में टमाटर के रेट बढ़ते हैं तो प्यूरी से मांग पूरा किया जा सकेगा। साथ ही इससे किसानों की स्थायी आय का भी रास्ता साफ हो जाएगा।</p>
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		<item>
		<title>इस रेसिपी से घर पर बनाएं मुंह में घुल जाने वाले ‘चीजी मशरूम गलौटी कबाब’</title>
		<link>https://newsx.in/archives/27</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[DivyaV]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 25 Jan 2026 17:46:25 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[क्या ‘कबाब’ का नाम सुनते ही आपके मुंह में भी पानी आ जाता है? अक्सर हम सोचते हैं कि बेहतरीन कबाब सिर्फ बड़े होटलों या लखनऊ की गलियों में ही मिलते हैं, लेकिन आज हम यह मिथक तोड़ने वाले हैं। ‘गलौटी’ का मतलब होता है- ऐसी चीज जो मुंह में रखते ही घुल जाए। आमतौर &#8230;]]></description>
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<p>क्या ‘कबाब’ का नाम सुनते ही आपके मुंह में भी पानी आ जाता है? अक्सर हम सोचते हैं कि बेहतरीन कबाब सिर्फ बड़े होटलों या लखनऊ की गलियों में ही मिलते हैं, लेकिन आज हम यह मिथक तोड़ने वाले हैं।</p>



<p>‘गलौटी’ का मतलब होता है- ऐसी चीज जो मुंह में रखते ही घुल जाए। आमतौर पर यह मटन से बनते हैं, लेकिन आज हम इसमें एक शाकाहारी ट्विस्ट लाएंगे। हम बनाएंगे मशरूम और चीज के साथ ऐसे कबाब, जो बाहर से कुरकुरे और अंदर से मखमली होंगे। यह रेसिपी आपके घर की पार्टियों के लिए एकदम परफेक्ट है।</p>



<p><strong>चीजी मशरूम गलौटी कबाब बनाने के लिए सामग्री<br></strong>मशरूम: 2 पैकेट (अच्छे से धोकर बारीक कटे हुए)<br>भुना हुआ बेसन: 2-3 बड़े चम्मच (बाइंडिंग के लिए)<br>प्याज: 1 (बारीक कटा और तलकर गोल्डन ब्राउन किया हुआ)<br>काजू का पेस्ट: 1 बड़ा चम्मच (शाही स्वाद के लिए)<br>अदरक-लहसुन का पेस्ट: 1 बड़ा चम्मच<br>मसाले: लाल मिर्च, धनिया पाउडर, गरम मसाला, नमक (स्वादानुसार)<br>चीज: मोजेरेला या प्रोसेस्ड चीज के छोटे टुकड़े (भरने के लिए)<br>देसी घी: कबाब सेकने के लिए<br>खुशबू के लिए: थोड़ा-सा केसर या गुलाब जल (ऑप्शनल)</p>



<p><strong>चीजी मशरूम गलौटी कबाब बनाने की विधि<br></strong>सबसे पहले एक पैन में थोड़ा-सा घी गर्म करें। इसमें बारीक कटे हुए मशरूम डालें। मशरूम पानी छोड़ते हैं, इसलिए इन्हें तब तक भूनें जब तक इनका सारा पानी सूख न जाए। जब ये सूखे और सुनहरे हो जाएं, तो गैस बंद कर दें और ठंडा होने दें।<br>अब भुने हुए मशरूम और तले हुए प्याज को मिक्सी में डालें। इसका एक बहुत ही बारीक और चिकना पेस्ट बना लें। ध्यान रहे, इसमें पानी बिल्कुल नहीं डालना है। यही वह पेस्ट है जो कबाब को ‘गलौटी’ जैसा टेक्सचर देगा।<br>इस पेस्ट को एक कटोरे में निकालें। अब इसमें अदरक-लहसुन का पेस्ट, काजू का पेस्ट, सारे सूखे मसाले और सबसे जरूरी- भुना हुआ बेसन मिलाएं। बेसन इसे टूटने से बचाएगा। इस मिश्रण को आटे की तरह अच्छे से गूंध लें। अगर गीला लगे, तो थोड़ा और बेसन मिला लें।<br>अब अपने हाथों पर थोड़ा तेल लगाएं। मिश्रण का एक छोटा हिस्सा लें और उसे हथेली पर फैलाएं। इसके बीच में चीज का एक टुकड़ा रखें और इसे चारों तरफ से बंद करके गोल टिक्की या कबाब का आकार दें। ध्यान रहे कि चीज बाहर न दिखे।<br>अब एक नॉन-स्टिक तवे पर देसी घी गर्म करें। कबाब को धीरे से तवे पर रखें। इन्हें धीमी आंच पर दोनों तरफ से सुनहरा और कुरकुरा होने तक सेकें। याद रखें, गलौटी कबाब बहुत नाजुक होते हैं, इसलिए इन्हें पलटते समय प्यार और सावधानी बरतें।<br>आपके गरमा-गर्म ‘चीजी मशरूम गलौटी कबाब’ तैयार हैं। जब आप इसे तोड़ेंगे, तो अंदर से पिघला हुआ चीज निकलेगा जो खाने का मजा दोगुना कर देगा।<br>इसे हरी पुदीने की चटनी, लच्छेदार प्याज और नींबू के साथ परोसें। यकीन मानिए, जो भी इसे खाएगा, वह आपकी तारीफ किए बिना नहीं रह पाएगा।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>आयरलैंड में भी मनाया गया उत्तर प्रदेश दिवस, ऐतिहासिक…</title>
		<link>https://newsx.in/archives/24</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[DivyaV]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 25 Jan 2026 17:45:34 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[24 जनवरी को उत्तर प्रदेश का स्थापना दिवस सिर्फ यूपी ही नहीं, बल्कि आयरलैंड में भी मनाया गया। वहां रहने वाले यूपी के लोगों ने इसे धूमधाम से मनाया। कार्यक्रम आयरलैंड में भारत के राजदूत अखिलेश मिश्र के नेतृत्व में हुआ। इसमें भारतीय समुदाय के लोग शामिल हुए।&#160; कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>24 जनवरी को उत्तर प्रदेश का स्थापना दिवस सिर्फ यूपी ही नहीं, बल्कि आयरलैंड में भी मनाया गया। वहां रहने वाले यूपी के लोगों ने इसे धूमधाम से मनाया। कार्यक्रम आयरलैंड में भारत के राजदूत अखिलेश मिश्र के नेतृत्व में हुआ। इसमें भारतीय समुदाय के लोग शामिल हुए।&nbsp;</p>



<p>कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, पाककला, शिल्प और पर्यटन की विरासत पर प्रस्तुति दी गई। साथ ही पारंपरिक नृत्य, गाने, कविता पाठ और वेशभूषा और शिल्प का प्रदर्शन किया गया।</p>



<p>इस मौके पर अखिलेश मिश्र ने आयरलैंड में IT, फार्मा, फाइनेंस और हेल्थकेयर जैसे सेक्टर में काम कर रहे यूपी के प्रोफेशनल्स को शुभकामनाएं दीं। उनके योगदान को सराहा। साथ ही सभी को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं।&nbsp;</p>



<p>उन्होंने जोर देते हुए कहा कि गणतंत्र दिवस मनाने की सार्थकता इसी में है कि सभी भारतीय संविधान के मूल्यों और आदर्शों के प्रति स्वयं को पुनः समर्पित करें। भारतीय संविधान ही हमारे प्रजातंत्र का आधार है। वही हमारे अधिकारों का भी स्रोत है। अधिकार तभी सुरक्षित रह सकते हैं जब पूरा समाज अपने कर्तव्य निभाए।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>राम दरबार का नाम अब राम परिवार, मंदिर ट्रस्ट ने संतों के सुझाव से किया बदलाव…</title>
		<link>https://newsx.in/archives/21</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[DivyaV]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 25 Jan 2026 17:44:41 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[राम मंदिर के प्रथम तल पर स्थापित राम दरबार का नाम अब आधिकारिक रूप से राम परिवार कर दिया गया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने यह निर्णय भारतीय संस्कृति और भाषायी शुद्धता को ध्यान में रखते हुए लिया है। ट्रस्ट के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार दरबार शब्द उर्दू मूल का है, &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>राम मंदिर के प्रथम तल पर स्थापित राम दरबार का नाम अब आधिकारिक रूप से राम परिवार कर दिया गया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने यह निर्णय भारतीय संस्कृति और भाषायी शुद्धता को ध्यान में रखते हुए लिया है। ट्रस्ट के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार दरबार शब्द उर्दू मूल का है, जबकि राम मंदिर की संकल्पना पूरी तरह सनातन, भारतीय और लोक परंपराओं से जुड़ी हुई है। इसी भाव के अनुरूप अब इसे राम परिवार के नाम से संबोधित किया जाएगा।&nbsp;</p>



<p>भगवान श्रीराम को किसी राजसी दरबार की तरह नहीं, बल्कि मर्यादा पुरुषोत्तम के रूप में एक आदर्श पारिवारिक स्वरूप में प्रस्तुत करना ही इस परिवर्तन का मूल उद्देश्य है। ट्रस्ट के समक्ष राम दरबार का नाम बदलने का सुझाव आया था, जिसके के बाद ट्रस्ट ने संतों से राय लेकर यह परिर्वतन किया। राम परिवार शब्द में भगवान श्रीराम के साथ माता सीता, भ्राता लक्ष्मण और भक्त हनुमान के पारिवारिक, भावनात्मक और सांस्कृतिक संबंधों का भाव निहित है, जो आम जनमानस से सीधे जुड़ता है।</p>



<p><strong>ट्रस्ट के निर्णय का स्वागत</strong><br>प्रथम तल पर स्थापित राम परिवार में भगवान श्रीराम, माता सीता, भरत, शत्रुहन, लक्ष्मण व हनुमान की मूर्ति स्थापित है। ये सभी पात्र श्रीराम के परिवार हैं, जबकि दरबार शब्द में शासकीय या औपचारिक भाव अधिक झलकता है, जो भगवान राम के लोकनायक स्वरूप से मेल नहीं खाता।</p>



<p>संत समाज ने भी ट्रस्ट के इस निर्णय का स्वागत किया है। महंत विवेक आचारी का कहना है कि राम मंदिर जैसे पवित्र स्थल पर भारतीय परंपरा से जुड़े शब्दों का प्रयोग स्वाभाविक और आवश्यक है। नाम परिवर्तन के साथ ही यह संदेश और अधिक स्पष्ट हो गया है कि अयोध्या का राम मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि भारतीय जीवन मूल्यों का जीवंत प्रतीक है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>हरियाणा: कॉलेजों में AI शिक्षा का पहला सत्र, नए स्टाफ की नियुक्ति की प्रक्रिया</title>
		<link>https://newsx.in/archives/18</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[DivyaV]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 25 Jan 2026 17:43:50 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[शैक्षणिक सत्र 2025-26 में हरियाणा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित शिक्षा कॉलेजों में मंजूर हुई थी। चार कॉलेजों में मंजूरी के बाद शर्त थी कि मूलभूत सुविधाओं, प्रशिक्षित शिक्षकों, तकनीकी लैब सहित अन्य मानक पूरा होने पर आगामी सत्र 2026-27 में पाठ्यक्रम का विस्तार करने और सीटें बढ़ाने का मौका मिलेगा। अभी यमुनानगर, करनाल, पानीपत &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>शैक्षणिक सत्र 2025-26 में हरियाणा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित शिक्षा कॉलेजों में मंजूर हुई थी। चार कॉलेजों में मंजूरी के बाद शर्त थी कि मूलभूत सुविधाओं, प्रशिक्षित शिक्षकों, तकनीकी लैब सहित अन्य मानक पूरा होने पर आगामी सत्र 2026-27 में पाठ्यक्रम का विस्तार करने और सीटें बढ़ाने का मौका मिलेगा। अभी यमुनानगर, करनाल, पानीपत और हिसार जिलों में एआई से जुड़े पाठ्यक्रम शुरू हो चुके हैं या नए शैक्षणिक सत्र से शुरू होने जा रहे हैं जबकि कुछ जिलों में अभी इसकी तैयारी का दौर चल रहा है। वहीं, हरियाणा उच्चतर शिक्षा विभाग की ओर से आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 में सीटों में वृद्धि व कॉलेजों को कोर्स मंजूरी की प्रक्रिया शुरू की गई है।</p>



<p>इसके तहत यमुनानगर के जगाधरी स्थित महाराजा अग्रसेन कॉलेज में सत्र 2026-27 से बैचलर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन (बीसीए) इन एआई पाठ्यक्रम की शुरुआत की जाएगी। कॉलेज में इसके लिए एआई लैब तैयार कर ली गई है। फिलहाल बीसीए की 60 सीटें हैं लेकिन एआई कोर्स शुरू होने के बाद 60 सीटें और बढ़ेंगी। प्राचार्या डॉ. करुणा के मुताबिक एआई कमेटी की रिपोर्ट में देरी के कारण यह कोर्स सत्र 2025-26 में शुरू नहीं हो सका लेकिन अब अनुमति मिलने के बाद नए सत्र से पढ़ाई शुरू होगी। इसके लिए नए स्टाफ की नियुक्ति की प्रक्रिया भी चल रही है।</p>



<p>करनाल के गुरु नानक खालसा कॉलेज में बीसीए इंटीग्रेटेड कोर्स के तहत एआई का एक सेमेस्टर पूरा हो चुका है। यहां चार एआई तकनीक में प्रशिक्षित शिक्षक इस विषय को पढ़ा रहे हैं, कॉलेज में कुल 28 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। कॉलेज प्रशासन की ओर से आगामी शैक्षणिक सत्र में सीटें बढ़ाने की मांग की तैयारी है।</p>



<p>पानीपत के आर्य पीजी कॉलेज में इस सत्र से बीसीए सेक्शन में एआई की पढ़ाई कराई जा रही है जिसमें 60 छात्र नामांकित हैं। वहीं एसडी पीजी कॉलेज में एआई आधारित स्किल कोर्स शुरू किया गया है। मूलभूत सुविधाओं व शिक्षकों की नियुक्ति के बाद आगामी सत्र से सीटें बढ़ाने की सिफारिश की जा सकती है।</p>



<p>हिसार के जाट कॉलेज में बीसीए एआई कोर्स की शुरुआत नए सत्र से हुई है। 60 सीटों वाले इस कोर्स में अब तक 42 विद्यार्थियों ने दाखिला लिया है। कॉलेज में आधुनिक कंप्यूटर लैब, नए कंप्यूटर और स्मार्ट क्लास रूम की सुविधा उपलब्ध कराई गई है जिससे छात्रों में इस कोर्स को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है।</p>



<p>वहीं, कैथल के आरकेएसडी कॉलेज में अभी एआई से जुड़ा कोई कोर्स या इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं है, लेकिन प्रबंधन दो नए एआई आधारित कोर्स लाने के प्रयास कर रहा है। हालांकि, इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।</p>
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		<title>Redmi का 108MP कैमरा वाला दमदार 5G फोन</title>
		<link>https://newsx.in/archives/14</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[DivyaV]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 25 Jan 2026 17:36:38 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[क्या आप भी 20 हजार रुपये के बजट में एक पावरफुल 5G फोन ढूंढ रहे हैं? तो हाल ही में लॉन्च हुआ Redmi Note 15 5G आपके लिए बेस्ट ऑप्शन हो सकता है। इस डिवाइस में 108-मेगापिक्सल का कैमरा है और स्नैपड्रैगन 6 Gen 3 चिपसेट देखने को मिल रहा है। साथ ही फोन में &#8230;]]></description>
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<p>क्या आप भी 20 हजार रुपये के बजट में एक पावरफुल 5G फोन ढूंढ रहे हैं? तो हाल ही में लॉन्च हुआ Redmi Note 15 5G आपके लिए बेस्ट ऑप्शन हो सकता है। इस डिवाइस में 108-मेगापिक्सल का कैमरा है और स्नैपड्रैगन 6 Gen 3 चिपसेट देखने को मिल रहा है। साथ ही फोन में AMOLED डिस्प्ले और फास्ट चार्जिंग सपोर्ट के साथ 5520 mAh की बड़ी बैटरी भी मिल रही है।</p>



<p>अभी इस फोन पर फ्लैट 15% का डिस्काउंट मिल रहा है और बैंक ऑफर्स के साथ इसकी कीमत और कम हो जाती है। आइए इस शानदार डील के बारे में और डिटेल में जानते हैं।</p>



<h2 class="wp-block-heading">REDMI Note 15 5G पर डिस्काउंट ऑफर</h2>



<p>ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म Amazon पर इस फोन की कीमत वैसे तो 26,999 रुपये है, लेकिन आप इसे अभी 15% डिस्काउंट के बाद सिर्फ 22,999 रुपये में खरीद सकते हैं। इतना ही नहीं कंपनी इस फोन पर शानदार बैंक ऑफर्स भी दे रही है, जिसमें ICICI बैंक क्रेडिट कार्ड से पेमेंट करने पर ₹3000 तक का फ्लैट इंस्टेंट डिस्काउंट मिल रहा है, जिससे कीमत सिर्फ 19,999 रुपये हो जाती है। इसके अलावा, डिवाइस पर शानदार एक्सचेंज ऑफर भी उपलब्ध है, जिसमें आप अपने पुराने फोन के बदले 21 हजार से ज्यादा की एक्सचेंज वैल्यू ले सकते हैं।</p>



<h2 class="wp-block-heading">REDMI Note 15 5G के खास फीचर्स</h2>



<p>रेडमी के इस शानदार फोन में आपको 3200 निट्स तक की पीक ब्राइटनेस वाला 6.77-इंच कर्व्ड AMOLED डिस्प्ले देखने को मिलता है। साथ ही इस फोन में पावरफुल Snapdragon 6 Gen 3 प्रोसेसर भी मिल रहा है। कैमरा की बात करें तो डिवाइस में 108MP का प्राइमरी कैमरा और 5,520mAh की बड़ी बैटरी के साथ 45W फास्ट चार्जिंग का सपोर्ट भी मिल रहा है।</p>



<p>फोन में 8GB RAM, Android 15 बेस्ड HyperOS 2 देखने को मिल रहा है। इसके अलावा डिवाइस में IP65 रेटिंग और IP65/IP66 डस्ट/वाटर रेजिस्टेंस रेटिंग मिलती है जो इसे एक पतला और टिकाऊ मिड-रेंज स्मार्टफोन बना देता है।</p>
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