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	<title>मनोरंजन &#8211; Divy Vichar | दिव्य विचार</title>
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	<description>Hindi News &#38; Views</description>
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	<title>मनोरंजन &#8211; Divy Vichar | दिव्य विचार</title>
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	<item>
		<title>प्रसिद्ध गायिका आशा भोसले का निधन</title>
		<link>https://newsx.in/archives/1056</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divy Vichar]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 12 Apr 2026 17:18:47 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[जीवनशैली]]></category>
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					<description><![CDATA[मुंबई । प्रसिद्ध गायिका&#160; आशा भोसले अब हमारे बीच नहीं रहीं ।&#160; उन्होंने 92 साल की उम्र में मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में अंतिम सांस ली। एक दिन पहले ही उन्हें सीने में इंफेक्शन की शिकायत के चलते ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। आशा भोसले के बेटे आनंद भोसले ने मीडिया &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>मुंबई । प्रसिद्ध गायिका&nbsp; आशा भोसले अब हमारे बीच नहीं रहीं ।&nbsp; उन्होंने 92 साल की उम्र में मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में अंतिम सांस ली। एक दिन पहले ही उन्हें सीने में इंफेक्शन की शिकायत के चलते ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।</p>



<p>आशा भोसले के बेटे आनंद भोसले ने मीडिया को बताया कि मां नहीं रहीं, उनका सोमवार को सुबह 11 बजे से लोग उनका अंतिम दर्शन कर सकेंगे और शाम 4 बजे शिवाजी पार्क में उनका अंतिम संस्कार होगा । आशा भोसले और बड़ी बहन लता मंगेशकर के निधन की उम्र एक ही है। लता मंगेशकर ने 6 फरवरी 2022 को 92 साल की उम्र में अंतिम सांस ली थी तो वहीं &nbsp;आशा भोसले ने भी 92 साल की उम्र ही इस दुनिया को अलविदा कह दिया। दोनों ने एक ही दिन यानी रविवार को ही इस जग को अलविदा कहा था।&nbsp;</p>



<p>आशा भोसले का जन्म 8 सितंबर 1933 को महाराष्ट्र के सांगली जिले में हुआ। वे प्रसिद्ध गायक और रंगमंच कलाकार दीनानाथ मंगेशकर की बेटी थीं। छोटी उम्र से ही आशा और लता ने परिवार की जिम्मेदारी संभाली। 1943 में उन्होंने मराठी फिल्म ‘माझा बाल&#8217; में पहला गीत गाया, जबकि 1948 में हिंदी फिल्म ‘चुनरिया&#8217; के गीत ‘सावन आया&#8217; से उन्होंने बॉलीवुड में कदम रखा। आशा भोसले ने 20 से ज्यादा भाषाओं में 12,000 से ज्यादा गाने गाए ।&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title>आंचल फरस्वाण फेमिना मिस इंडिया उत्तराखंड बनी</title>
		<link>https://newsx.in/archives/898</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divy Vichar]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 23 Mar 2026 17:20:47 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[जीवनशैली]]></category>
		<category><![CDATA[मनोरंजन]]></category>
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					<description><![CDATA[देहरादून। चमोली जिले के किरुली गांव निवासी आंचल फरस्वाण फेमिना मिस इंडिया उत्तराखंड चुनी गई हैं। वह मुंबई में होने वाले फेमिना मिस इंडिया में उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व करेंगी। आंचल की इस उपलब्धि से किरुली गांव सहित पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है। देहरादून में फेमिना मिस इंडिया उत्तराखंड 2026 के ग्रैंड फिनाले का &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>देहरादून। चमोली जिले के किरुली गांव निवासी आंचल फरस्वाण फेमिना मिस इंडिया उत्तराखंड चुनी गई हैं। वह मुंबई में होने वाले फेमिना मिस इंडिया में उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व करेंगी। आंचल की इस उपलब्धि से किरुली गांव सहित पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है।</p>



<p>देहरादून में फेमिना मिस इंडिया उत्तराखंड 2026 के ग्रैंड फिनाले का आयोजन किया गया। इसमें 21 प्रतिभागियों ने प्रतिभाग किया। कड़े मुकाबले के बीच आंचल फरस्वाण के सिर पर ताज सजा। आंचल चमोली जनपद के बंड क्षेत्र पीपलकोटी के किरुली गांव निवासी हैं। वर्तमान में उनका परिवार देहरादून में रहता है।</p>



<p></p>



<p>वह देहरादून में फिजियोथेरेपिस्ट की पढ़ाई कर रही हैं। आंचल के पिता रविंद्र फरस्वाण सेना के सूबेदार पद से सेवानिवृत्त हैं। मां गृहिणी हैं। आंचल की उपलब्धि पर पूरे बंड क्षेत्र के लोगों ने प्रसन्नता व्यक्त की है। लोगों को उम्मीद है कि आंचल मिस इंडिया में भी जीत हासिल करके उत्तराखंड के साथ चमोली का नाम रोशन करें</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title>अयोध्या में अमिताभ बच्चन ने खरीदी जमीन </title>
		<link>https://newsx.in/archives/690</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divy Vichar]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 07 Mar 2026 06:00:07 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[मनोरंजन]]></category>
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					<description><![CDATA[35 करोड़ में 2.67 एकड़ जमीन खरीदी  लखनऊ।&#160;महानायक अमिताभ बच्चन ने अयोध्या में 35 करोड़ से 2.67 एकड़ जमीन खरीदी है। यह जमीन एक कंपनी के जरिए भविष्य में प्लाटिंग की जाएगी। बिग बी अमिताभ बच्चन फिल्मों के अलावा रियल एस्टेट में भी लगातार इन्वेस्ट कर रहे हैं। अयोध्या में करीब 35 करोड़ रुपये की&#160; &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>35 करोड़ में 2.67 एकड़ जमीन खरीदी </strong></p>



<p>लखनऊ।&nbsp;महानायक अमिताभ बच्चन ने अयोध्या में 35 करोड़ से 2.67 एकड़ जमीन खरीदी है। यह जमीन एक कंपनी के जरिए भविष्य में प्लाटिंग की जाएगी।</p>



<p>बिग बी अमिताभ बच्चन फिल्मों के अलावा रियल एस्टेट में भी लगातार इन्वेस्ट कर रहे हैं। अयोध्या में करीब 35 करोड़ रुपये की&nbsp; 2.67 एकड़ जमीन ली है। इसे उन्होंने रियल एस्टेट कंपनी द हाउस ऑफ अभिनंदन लोढ़ा&nbsp; से खरीदा है।&nbsp;</p>



<p>कंपनी की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, ये जमीन &#8216;द सरयू&#8217; नाम के बड़े प्रोजेक्ट के पास स्थित है। ये प्रोजेक्ट लगभग 75 एकड़ में फैला हुआ है और आने वाले समय में इसे लग्जरी और प्रीमियम डेवलपमेंट के तौर पर विकसित किया जा रहा है। इस जमीन की खरीद से जुड़े कागजात बिग बी की कंपनी एबी कॉरपोरेट लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर राजेश यादव ने पूरे किए हैं। रियल एस्टेट कंपनी के चेयरमैन अभिनंदन लोढ़ा का कहना है कि अमिताभ बच्चन के इन्वेस्टमेंट से अयोध्या आने वाले समय में इन्वेस्टमेंट के लिए बहुत बड़ा केंद्र बन सकता है।&nbsp; अयोध्या जैसे धार्मिक और ऐतिहासिक शहर में निवेश का महत्व और भी बढ़ जा रहा है। इससे पहले&nbsp;&nbsp;मई 2025 में उन्होंने करीब 40 करोड़ रुपये में 25,000 वर्ग फुट का एक और प्लॉट खरीदा था, जो इसी प्रोजेक्ट के पास बताया जाता है। वहीं साल 2024 में भी उन्होंने &#8216;द सरयू&#8217; प्रोजेक्ट में करीब 10,000 वर्ग फुट की जमीन करीब 14.5 करोड़ रुपये में ली थी।&nbsp; अब अयोध्या में उनका यह तीसरा बड़ा निवेश है। सिर्फ अयोध्या ही नहीं, बल्कि बिग बी ने महाराष्ट्र के अलीबाग में भी जमीन खरीदी है। वहां उन्होंने &#8216;सोल दे अलीबाग&#8217; नाम के प्रोजेक्ट में लगभग 10 करोड़ रुपये का प्लॉट लिया था।&nbsp;&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>लोक गायिका रिंकू राणा की मौत</title>
		<link>https://newsx.in/archives/648</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divy Vichar]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 05 Mar 2026 18:22:14 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[मनोरंजन]]></category>
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					<description><![CDATA[सड़क हादसे में हुई पहली थारू जनजाति गायिका की मौत देहरादून । थारू जन जाति की प्रथम लोक गायिका रिंकू राणा की मौत हो गई। वह गुरुवार को मायके से होली खेलकर घर लौट रही थी तभी सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। उत्तराखंड स्थित नौगजा, कल्याणपुर निवासी जनजाति की प्रसिद्ध लोक गायिका रिंकू राणा &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>सड़क हादसे में हुई पहली थारू जनजाति गायिका की मौत</strong></p>



<p> देहरादून । थारू जन जाति की प्रथम लोक गायिका रिंकू राणा की मौत हो गई। वह गुरुवार को मायके से होली खेलकर घर लौट रही थी तभी सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। <br>उत्तराखंड स्थित नौगजा, कल्याणपुर निवासी जनजाति की प्रसिद्ध लोक गायिका रिंकू राणा (33) पत्नी महेश राणा होली खेलने स्कूटी से अपने मायके गांव बिचपुरी खैरना गई थी। दोपहर करीब साढ़े 12 बजे जब वह सड़क किनारे स्कूटी खड़ी कर किसी से बात कर रही थी। गायिका रिंकू के साथ उनकी भतीजी जिया राणा भी थी। तभी तेज गति से आ रहा ईंटों से ओवर लोड ट्रैक्टर ट्रॉली चालक ने उनको टक्कर मार दी। <br>दुर्घटना में रिंकू राणा गंभीर रूप से घायल हो गई। हादसे के बाद ट्रैक्टर ट्रॉली चालक मौके से भाग गया। आस-पास के लोगों ने घायल रिंकू राणा को उप जिला अस्पताल सितारगंज पहुंचाया। जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनकी भतीजी की हालत सामान्य है। </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="634" height="624" src="https://divyvichar.com/wp-content/uploads/2026/03/FB_IMG_1772734377494.jpg" alt="" class="wp-image-649" srcset="https://newsx.in/wp-content/uploads/2026/03/FB_IMG_1772734377494.jpg 634w, https://newsx.in/wp-content/uploads/2026/03/FB_IMG_1772734377494-300x295.jpg 300w" sizes="(max-width: 634px) 100vw, 634px" /></figure>



<p><strong>रिंकू का है एक बेटा</strong><br>पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त स्कूटी व ट्रैक्टर ट्रॉली अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस ने शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए खटीमा भेज दिया है। परिजनों ने बताया कि रिंकू का एक पुत्र है, जो चौथी कक्षा में पढ़ता&nbsp;</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" width="768" height="1024" src="https://divyvichar.com/wp-content/uploads/2026/03/FB_IMG_1772734769574-768x1024.jpg" alt="" class="wp-image-653" srcset="https://newsx.in/wp-content/uploads/2026/03/FB_IMG_1772734769574-768x1024.jpg 768w, https://newsx.in/wp-content/uploads/2026/03/FB_IMG_1772734769574-225x300.jpg 225w, https://newsx.in/wp-content/uploads/2026/03/FB_IMG_1772734769574-1152x1536.jpg 1152w, https://newsx.in/wp-content/uploads/2026/03/FB_IMG_1772734769574.jpg 1200w" sizes="(max-width: 768px) 100vw, 768px" /></figure>
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			</item>
		<item>
		<title>तीन दिन चलेगा कालिंजर महोत्सव</title>
		<link>https://newsx.in/archives/329</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divy Vichar]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 14 Feb 2026 18:29:36 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म/अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[प्रादेशिक]]></category>
		<category><![CDATA[मनोरंजन]]></category>
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					<description><![CDATA[महोत्सव की गूंज, संस्कृति की आत्मा&#8217; थीम के साथ बांदा में सजेगा तीन दिवसीय सांस्कृतिक महासंगम 15 से 17 फरवरी तक होंगी रंगारंग प्रस्तुतियां,&#160;&#8216;आज की शाम कालिंजर के नाम&#8217; और&#160;&#8216;बांदा गॉट टैलेंट&#8217; होंगे मुख्य आकर्षण&#160; तृप्ती शाक्या एण्ड ग्रुप, साधो द बैण्ड और चर्चित गायिका ममता शर्मा सजाएंगी सुरमयी शाम&#160; लखनऊ/बांदा। बुंदेलखंड के बांदा जिले &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><em><strong>महोत्सव  की गूंज, संस्कृति की आत्मा&#8217; थीम के साथ बांदा में सजेगा तीन दिवसीय सांस्कृतिक महासंगम</strong></em></p>



<p><em>15 से 17 फरवरी तक होंगी रंगारंग प्रस्तुतियां,&nbsp;&#8216;आज की शाम कालिंजर के नाम&#8217; और&nbsp;&#8216;बांदा गॉट टैलेंट&#8217; होंगे मुख्य आकर्षण</em>&nbsp;</p>



<p></p>



<p><em>तृप्ती शाक्या एण्ड ग्रुप, साधो द बैण्ड और चर्चित गायिका ममता शर्मा सजाएंगी सुरमयी शाम</em>&nbsp;</p>



<p></p>



<p><em>लखनऊ/बांदा</em>। </p>



<p>बुंदेलखंड के बांदा जिले के ऐतिहासिक धरती पर 15 से 17 फरवरी तक तीन दिवसीय भव्य कालिंजर महोत्सव 2026 का आयोजन किया जा रहा है। &#8216;इतिहास की गूंज, संस्कृति की आत्मा&#8217; थीम पर आधारित यह महोत्सव उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं और कलात्मक उत्कृष्टता का अद्भुत उत्सव होगा। महोत्सव का आयोजन जिला पर्यटन एवं संस्कृति परिषद तथा जिला प्रशासन के संयुक्त प्रयास से कटरा कालिंजर मेला ग्राउंड में किया जाएगा।</p>



<p>उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि &#8216;कालिंजर महोत्सव के दौरान बुंदेली लोक नृत्य, आल्हा गायन, भजन और लोकगीतों सहित विविध प्रस्तुतियां&nbsp;होंगी,&nbsp;जो क्षेत्र की समृद्ध परंपराओं को नया मंच प्रदान करेंगी। बांदा जनपद के प्राकृतिक सौंदर्य और ऐतिहासिक वैभव से परिपूर्ण कालिंजर किले की पृष्ठभूमि में यह आयोजन आगंतुकों को लोक उत्सव के वातावरण में इतिहास और संस्कृति से जुड़ने का अवसर प्रदान करेगा। देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए भी स्मरणीय अनुभव सिद्ध होगा।&#8217;</p>



<p><em>हर विधा के कलाकार संग परंपरा और नवाचार</em>&nbsp;<br>कालिंजर महोत्सव के तीन दिवसीय आयोजन में जहां एक ओर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की छटा बिखरेगी, वहीं खेल महोत्सव के माध्यम से युवाओं की ऊर्जा और प्रतिस्पर्धात्मक भावना को मंच मिलेगा। &#8216;बांदा गॉट टैलेंट&#8217; के जरिए स्थानीय प्रतिभाओं को अपनी कला प्रदर्शित करने का सुनहरा अवसर मिलेगा, तो &#8216;आज की शाम कालिंजर के नाम&#8217; के अंतर्गत विभिन्न विधाओं के कलाकार, गायक और खिलाड़ी अपनी विधा से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगे। यह महोत्सव स्थानीय सांस्कृतिक धरोहर की झलक के साथ परंपरा और नवाचार का उत्सव बनकर भी उभरेगा। महोत्सव अंतर्गत मंडलीय&nbsp;सरस मेले में&nbsp;राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) से जुड़ी महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों की आकर्षक प्रदर्शनी एवं विभागीय&nbsp;स्टॉल लगाए जाएंगे तथा सम्मेलन एवं गोष्ठी भी होगी।&nbsp;</p>



<p><em>खेल महोत्सव और &#8216;बांदा गॉट टैलेंट&#8217;</em><br>खेल महोत्सव प्रतिदिन प्रातः 08 बजे से अपराह्न 04 बजे तक आयोजित किया जाएगा, जिसमें 15 फरवरी को खो-खो प्रतियोगिता, 16 फरवरी को कबड्डी प्रतियोगिता तथा 17 फरवरी को दंगल प्रतियोगिता का आयोजन होगा। कालिंजर महोत्सव के अंतर्गत &#8216;बांदा गॉट टैलेंट&#8217;&nbsp;का आयोजन प्रतिदिन अपरान्ह 01 बजे से 03 बजे तक किया जाएगा, जिसके अंतर्गत 15 फरवरी को विद्यालय स्तरीय कार्यक्रम आयोजित होगा। 16 फरवरी को महाविद्यालय स्तरीय प्रतिभागी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे, जबकि 17 फरवरी को सांस्कृतिक उत्सव 2025-26 के जनपद स्तरीय विजेताओं द्वारा विशेष सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी।&nbsp;</p>



<p><em>&#8216;आज की शाम कालिंजर के नाम&#8217; से सजेगी सुरमयी शाम</em>&nbsp;<br>कालिंजर महोत्सव में 15, 16 व 17 फरवरी को प्रतिदिन अपराह्न 04 बजे से सायं 06 बजे तक &#8216;स्थानीय सांस्कृतिक धरोहर&#8217; के अंतर्गत बुंदेली लोक संस्कृति की प्रस्तुतियां&nbsp;होंगी। इनमें&nbsp;बुंदेली लोक नृत्य, बुंदेली लोक गायन, वीर रस से ओत-प्रोत आल्हा गायन तथा भजन एवं लोक गीतों के माध्यम से क्षेत्र की समृद्ध परंपरा की झलक दर्शकों को देखने को मिलेगी।&nbsp; &#8216;आज की शाम कालिंजर के नाम&#8217; के अंतर्गत महोत्सव में प्रतिदिन शाम 06 बजे से रात्रि 10 बजे तक सांस्कृतिक संध्या का भव्य आयोजन किया जाएगा। 15 फरवरी को तृप्ती शाक्या एण्ड ग्रुप अपनी प्रस्तुति से माहौल को सुरमयी&nbsp;बनाएंगे। 16 फरवरी को साधो द बैण्ड एण्ड ग्रुप तथा राधा श्रीवास्तव एण्ड ग्रुप दर्शकों का मनोरंजन करेंगे। वहीं, 17 फरवरी को ममता शर्मा एवं राजा रेन्चो अपनी प्रस्तुतियों से महोत्सव की संध्या को यादगार बनाएंगे।</p>



<p>अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग अमृत अभिजात ने बताया कि &#8216;कालिंजर महोत्सव-2026 बुंदेलखंड की ऐतिहासिक चेतना और जनभागीदारी का सशक्त उत्सव है।&nbsp;उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा गणतंत्र दिवस की झांकी में भी कालिंजर किला को प्रमुखता से प्रदर्शित कर उसकी वैश्विक पहचान को नई ऊंचाई दी गई है। पर्यटन विभाग का सतत प्रयास है कि बुंदेलखंड के चर्चित एवं विरासत स्थलों को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर सशक्त रूप से स्थापित किया जाए।&nbsp;हमें विश्वास है कि यह आयोजन पर्यटन संवर्धन, स्थानीय अर्थव्यवस्था के सशक्तिकरण और सांस्कृतिक पहचान के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।&#8217;</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>धर्म और संस्कृति की रक्षा की प्रेरणा देती है फिल्म गोदान</title>
		<link>https://newsx.in/archives/253</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divy Vichar]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 11 Feb 2026 17:13:04 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म/अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[प्रादेशिक]]></category>
		<category><![CDATA[मनोरंजन]]></category>
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					<description><![CDATA[डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ देखी फिल्म, सभी से फिल्म देखने की अपील कहा- यह फिल्म एक वैज्ञानिक के जीवन में गौमाता के प्रवेश से उसकी जीवनशैली में बदलाव की कहानी लखनऊ।गोदान फिल्म धर्म और संस्कृति की रक्षा की प्रेरणा देती। यह फिल्म भारतीय संस्कृति में गौमाता के महत्व एवं जीवन &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ देखी फिल्म, सभी से फिल्म देखने की अपील</strong></p>



<p><strong>कहा- यह फिल्म एक वैज्ञानिक के जीवन में गौमाता के प्रवेश से उसकी जीवनशैली में बदलाव की कहानी</strong></p>



<p>लखनऊ।<br>गोदान फिल्म धर्म और संस्कृति की रक्षा की प्रेरणा देती। यह फिल्म भारतीय संस्कृति में गौमाता के महत्व एवं जीवन मूल्यों पर आधारित है। यह कहना है प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का। बुधवार को गोमती नगर स्थित एसआरएस सिनेमा हॉल में उप मुख्यमंत्री ने भाजपा पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के साथ इस फिल्म को देखा।<br>उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के गौसेवा संरक्षण एवं संवर्धन पर आधारित यह फिल्म गोदान एक वैज्ञानिक के जीवन में गौमाता के प्रवेश से उसके विचार और जीवनशैली में बदलाव की कहानी बताती है। फिल्म एक सामाजिक, सांस्कृतिक चेतना से जुड़ी है। उन्होंने अन्य लोगों से भी इस फिल्म को देखने की अपील की।<br>धर्म, संस्कृति के मूल्यों की रक्षा और गौमाता की सेवा हेतु जनमानस को प्रेरित एवं जागरूक करने वाली इस उत्कृष्ट फिल्म से जुड़े सभी महानुभावों एवं आयोजनकर्ताओं का डिप्टी सीएम ने हार्दिक आभार एवं धन्यवाद दिया। इस अवसर पर वरिष्ठ भाजपा नेता नीरज सिंह, महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी एवं भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्तागण उपस्थित रहे।</p>



<p></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title> हर सिम का क्यों कटा होता है कोना? ज्यादातर लोग नहीं जानते असली वजह</title>
		<link>https://newsx.in/archives/51</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[DivyaV]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 25 Jan 2026 18:14:35 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[क्या आपने कभी SIM कार्ड को ध्यान से देखा है? लगभग हर SIM कार्ड का एक कोना कटा हुआ होता है। मजे की बात यह है कि चाहे वह भारत हो, अमेरिका हो, जापान हो या यूरोप, दुनिया के लगभग हर देश में SIM कार्ड का शेप और कटा हुआ कोना एक जैसा ही दिखता &#8230;]]></description>
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<p>क्या आपने कभी SIM कार्ड को ध्यान से देखा है? लगभग हर SIM कार्ड का एक कोना कटा हुआ होता है। मजे की बात यह है कि चाहे वह भारत हो, अमेरिका हो, जापान हो या यूरोप, दुनिया के लगभग हर देश में SIM कार्ड का शेप और कटा हुआ कोना एक जैसा ही दिखता है। बहुत से लोग सोचते हैं कि यह सिर्फ एक डिजाइन है, लेकिन सच्चाई कुछ और ही है।</p>



<p>दरअसल, SIM कार्ड पर यह कटा हुआ कोना असल में एक छोटा लेकिन बहुत जरूरी एलाइनमेंट गाइड है जो आपके फोन और आपके SIM कार्ड दोनों को नुकसान से बचा सकता है। अगर आपको भी नहीं पता कि SIM कार्ड का एक हिस्सा क्यों कटा होता है और यह आइडिया कहां से आया, तो आइए आज इसे आसान शब्दों में समझते हैं।</p>



<h2 class="wp-block-heading">पहले कैसा होता था SIM Card?</h2>



<p>जानकारी के मुताबिक, SIM Card की शुरुआत 1990 के शुरुआती समय में हुई थी। उस टाइम सिम कार्ड आज के नैनो सिम की तरह छोटे नहीं थे, बल्कि क्रेडिट कार्ड जितने बड़े हुआ करते थे। इसके बाद जैसे-जैसे डिवाइस छोटे और पतले हुए तो SIM Card भी छोटे होते गए। इसी बदलाव के दौरान सिम के अलग-अलग साइज सामने आए, जहां हमें पहले Mini SIM फिर Micro सिम और इसके बाद Nano सिम देखा जो आज भी इस्तेमाल हो रहा है। हालांकि साइज चेंज होता गया, लेकिन सिम का एक कोना कटा हुआ बरकरार रहा।</p>



<h2 class="wp-block-heading">…तो क्या है SIM का कोना कटा होने की असली वजह?</h2>



<p>हर SIM के बीच में एक गोल्डन कलर की चिप लगी होती है, जो फोन के SIM स्लॉट में लगे SIM रीडर से कनेक्ट होती है। ऐसे में अगर SIM कार्ड उल्टी दिशा में या गलत एंगल पर लग जाए तो इससे SIM की चिप खराब हो सकती है और यहां तक कि फोन का SIM रीडर भी डैमेज हो सकता है। इसी समस्या से बचाने के लिए SIM Card का एक कोना काटा गया था ताकि वो एक दिशा में ही फिट हो जाए। यानी आसान शब्दों में कहें तो ये ‘कटा हुआ कोना’ एक तरह से Alignment Guide है, जो SIM को गलत तरीके से लगने से रोकता है।</p>
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		<title>इन एग्जाम से चुनें फूड सेफ्टी की फील्ड में सुनहरा भविष्य</title>
		<link>https://newsx.in/archives/48</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[DivyaV]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 25 Jan 2026 18:13:14 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[हमारा देश जनसंख्या के लिहाज से दुनिया का सबसे बड़ा देश है। ऐसे में यहां रह रहे लोगों के लिए फूड इंडस्ट्री बेहद अहम किरदार निभाती है। फूड सेफ्टी देश में खाद्यान्न के भंडारण और वितरण का काम करता है। ऐसे में इसे चलाने के लिए प्रति वर्ष सरकार की ओर से भर्ती की जाती &#8230;]]></description>
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<p>हमारा देश जनसंख्या के लिहाज से दुनिया का सबसे बड़ा देश है। ऐसे में यहां रह रहे लोगों के लिए फूड इंडस्ट्री बेहद अहम किरदार निभाती है। फूड सेफ्टी देश में खाद्यान्न के भंडारण और वितरण का काम करता है। ऐसे में इसे चलाने के लिए प्रति वर्ष सरकार की ओर से भर्ती की जाती है। यह नियुक्तियां फूड सेफ्टी ऑफिसर या क्वालिटी कंट्रोल से जुड़े पदों पर भर्ती होती है। इन भर्तियों की डिटेल आप यहां से चेक करके इस क्षेत्र में अपने करियर को नई दिशा दे सकते हैं।</p>



<h2 class="wp-block-heading">भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण भर्ती</h2>



<p>यह देश की शीर्ष फूड रेगुलेटरी संस्था है। यहां फूड सेफ्टी ऑफिसर, टेक्निकल ऑफिसर और सेंट्रल फूड सेफ्टी ऑफिसर जैसे पदों पर भर्ती होती है। इसके लिए फूड टेक्नोलॉजी, बायोटेक्नोलॉजी आदि विषयों में डिग्री जरूरी है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">राज्य लोक सेवा आयोग द्वारा होती हैं FSO की भर्तियां</h2>



<p>अलग-अलग राज्यों में राज्य लोक सेवा आयोग जैसे RPSC (राजस्थान), UPPSC (उत्तर प्रदेश), BPSC (बिहार) के माध्यम से हर साल भर्ती की जाती है। इसमें राज्य फूड सेफ्टी ऑफिसर के पद भरे जाते हैं।</p>



<p>भारत में फूड एनालिस्ट की मांग लगातार बढ़ रही है। इसकी मुख्य वजह फूड सेफ्टी कानूनों का सख्त होना, प्रोसेस्ड और पैकेज्ड फूड इंडस्ट्री का तेजी से विस्तार और FSSAI की निगरानी बढ़ना है। अनुमान के मुताबिक, 2025-26 में सरकारी और निजी सेक्टर मिलाकर करीब 3,000 से 5,000 फूड एनालिस्ट और फूड टेस्टिंग से जुड़ी नौकरियों की जरूरत होगी।</p>



<p>ऐसे में आप इन भर्तियों की तैयारी करके फील्ड सेफ्टी क्षेत्र में अपने करियर को नया आयाम दे सकते हैं। इन पदों पर नियुक्त होने वाले युवाओं को बेहतर वेतन के साथ ही सरकार की ओर से मिलने वाली सुविधाएं भी प्रदान की जाती हैं।</p>
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		<title>कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और अरब देश भी चखेंगे पंजाब के टमाटर का स्वाद</title>
		<link>https://newsx.in/archives/30</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[DivyaV]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 25 Jan 2026 17:47:12 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
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					<description><![CDATA[कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और अरब देश अब जल्द ही पंजाब के टमाटर का भी स्वाद चखेंगे। पंजाब स्टेट कोऑपरेटिव सप्लाई एंड मार्केटिंग फेडरेशन लिमिटेड (मार्कफेड) इन देशों को टमाटर प्यूरी और कैचअप का निर्यात करने की तैयारी कर रहा है। मार्कफेड किसानों के साथ अनुबंध करेगा जिससे किसानों की आमदन बढ़ाने में भी फायदा होगा। अभी &#8230;]]></description>
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<p>कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और अरब देश अब जल्द ही पंजाब के टमाटर का भी स्वाद चखेंगे। पंजाब स्टेट कोऑपरेटिव सप्लाई एंड मार्केटिंग फेडरेशन लिमिटेड (मार्कफेड) इन देशों को टमाटर प्यूरी और कैचअप का निर्यात करने की तैयारी कर रहा है। मार्कफेड किसानों के साथ अनुबंध करेगा जिससे किसानों की आमदन बढ़ाने में भी फायदा होगा। अभी फिलहाल मार्कफेड इन देशों के लिए साग का निर्यात कर रहा है।</p>



<p>मार्कफेड टमाटर से बनाई प्यूरी और कैचअप की 20 हजार बोटल अभी तैयार कर रहा है जिनकी खपत फिलहाल प्रदेश के घरेलू बाजार में हो जाती है लेकिन अब वह कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और अरब देशों में भी इनके निर्यात पर काम कर रहा है। इस निर्यात की मांग को पूरा करने के लिए एक लाख बोटल तैयार की जाएगी। वहां टमाटर प्यूरी और कैचअप की मांग भी है और साथ ही सूबे में फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने में भी मदद मिलेगी।</p>



<p>मार्कफेड किसानों के साथ अनुबंध करेगा जिसके तहत किसान उसकी मांग के अनुरूप टमाटर उगाकर देंगे। फिलहाल जालंधर में इसकी शुरुआत करने की तैयारी की जा रही है क्योंकि वहां मार्कफेड का स्टेट ऑफ द आर्ट प्लांट है। वहां टमाटर से कैचअप और प्यूरी तैयार की जाएगी। प्यूरी जल्दी खराब भी नहीं होती है जिससे प्लांट में इसे तैयार करके रखा जा सकेगा।<br>टमाटर के सीजन खत्म होने के बाद मांग के अनुरूप भी प्यूरी उपलब्ध रहेगी। अगर सूबे में टमाटर के रेट बढ़ते हैं तो प्यूरी से मांग पूरा किया जा सकेगा। साथ ही इससे किसानों की स्थायी आय का भी रास्ता साफ हो जाएगा।</p>
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		<title>इस रेसिपी से घर पर बनाएं मुंह में घुल जाने वाले ‘चीजी मशरूम गलौटी कबाब’</title>
		<link>https://newsx.in/archives/27</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[DivyaV]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 25 Jan 2026 17:46:25 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[खेल]]></category>
		<category><![CDATA[जीवनशैली]]></category>
		<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म/अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[प्रादेशिक]]></category>
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					<description><![CDATA[क्या ‘कबाब’ का नाम सुनते ही आपके मुंह में भी पानी आ जाता है? अक्सर हम सोचते हैं कि बेहतरीन कबाब सिर्फ बड़े होटलों या लखनऊ की गलियों में ही मिलते हैं, लेकिन आज हम यह मिथक तोड़ने वाले हैं। ‘गलौटी’ का मतलब होता है- ऐसी चीज जो मुंह में रखते ही घुल जाए। आमतौर &#8230;]]></description>
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<p>क्या ‘कबाब’ का नाम सुनते ही आपके मुंह में भी पानी आ जाता है? अक्सर हम सोचते हैं कि बेहतरीन कबाब सिर्फ बड़े होटलों या लखनऊ की गलियों में ही मिलते हैं, लेकिन आज हम यह मिथक तोड़ने वाले हैं।</p>



<p>‘गलौटी’ का मतलब होता है- ऐसी चीज जो मुंह में रखते ही घुल जाए। आमतौर पर यह मटन से बनते हैं, लेकिन आज हम इसमें एक शाकाहारी ट्विस्ट लाएंगे। हम बनाएंगे मशरूम और चीज के साथ ऐसे कबाब, जो बाहर से कुरकुरे और अंदर से मखमली होंगे। यह रेसिपी आपके घर की पार्टियों के लिए एकदम परफेक्ट है।</p>



<p><strong>चीजी मशरूम गलौटी कबाब बनाने के लिए सामग्री<br></strong>मशरूम: 2 पैकेट (अच्छे से धोकर बारीक कटे हुए)<br>भुना हुआ बेसन: 2-3 बड़े चम्मच (बाइंडिंग के लिए)<br>प्याज: 1 (बारीक कटा और तलकर गोल्डन ब्राउन किया हुआ)<br>काजू का पेस्ट: 1 बड़ा चम्मच (शाही स्वाद के लिए)<br>अदरक-लहसुन का पेस्ट: 1 बड़ा चम्मच<br>मसाले: लाल मिर्च, धनिया पाउडर, गरम मसाला, नमक (स्वादानुसार)<br>चीज: मोजेरेला या प्रोसेस्ड चीज के छोटे टुकड़े (भरने के लिए)<br>देसी घी: कबाब सेकने के लिए<br>खुशबू के लिए: थोड़ा-सा केसर या गुलाब जल (ऑप्शनल)</p>



<p><strong>चीजी मशरूम गलौटी कबाब बनाने की विधि<br></strong>सबसे पहले एक पैन में थोड़ा-सा घी गर्म करें। इसमें बारीक कटे हुए मशरूम डालें। मशरूम पानी छोड़ते हैं, इसलिए इन्हें तब तक भूनें जब तक इनका सारा पानी सूख न जाए। जब ये सूखे और सुनहरे हो जाएं, तो गैस बंद कर दें और ठंडा होने दें।<br>अब भुने हुए मशरूम और तले हुए प्याज को मिक्सी में डालें। इसका एक बहुत ही बारीक और चिकना पेस्ट बना लें। ध्यान रहे, इसमें पानी बिल्कुल नहीं डालना है। यही वह पेस्ट है जो कबाब को ‘गलौटी’ जैसा टेक्सचर देगा।<br>इस पेस्ट को एक कटोरे में निकालें। अब इसमें अदरक-लहसुन का पेस्ट, काजू का पेस्ट, सारे सूखे मसाले और सबसे जरूरी- भुना हुआ बेसन मिलाएं। बेसन इसे टूटने से बचाएगा। इस मिश्रण को आटे की तरह अच्छे से गूंध लें। अगर गीला लगे, तो थोड़ा और बेसन मिला लें।<br>अब अपने हाथों पर थोड़ा तेल लगाएं। मिश्रण का एक छोटा हिस्सा लें और उसे हथेली पर फैलाएं। इसके बीच में चीज का एक टुकड़ा रखें और इसे चारों तरफ से बंद करके गोल टिक्की या कबाब का आकार दें। ध्यान रहे कि चीज बाहर न दिखे।<br>अब एक नॉन-स्टिक तवे पर देसी घी गर्म करें। कबाब को धीरे से तवे पर रखें। इन्हें धीमी आंच पर दोनों तरफ से सुनहरा और कुरकुरा होने तक सेकें। याद रखें, गलौटी कबाब बहुत नाजुक होते हैं, इसलिए इन्हें पलटते समय प्यार और सावधानी बरतें।<br>आपके गरमा-गर्म ‘चीजी मशरूम गलौटी कबाब’ तैयार हैं। जब आप इसे तोड़ेंगे, तो अंदर से पिघला हुआ चीज निकलेगा जो खाने का मजा दोगुना कर देगा।<br>इसे हरी पुदीने की चटनी, लच्छेदार प्याज और नींबू के साथ परोसें। यकीन मानिए, जो भी इसे खाएगा, वह आपकी तारीफ किए बिना नहीं रह पाएगा।</p>
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