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	<title>देश &#8211; Divy Vichar | दिव्य विचार</title>
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	<title>देश &#8211; Divy Vichar | दिव्य विचार</title>
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		<title>सम्राट चौधरी बिहार के नए मुख्यमंत्री</title>
		<link>https://newsx.in/archives/1088</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divy Vichar]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 14 Apr 2026 11:57:53 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[प्रादेशिक]]></category>
		<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
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					<description><![CDATA[विधायक दल के नेता चुने गए, बिहार में भाजपा के पहले मुख्यमंत्री होंगे , बुधवार को लेंगे शपथ । पटना। बिहार की राजनीति में मंगलवार को एक अध्याय का समापन हो गया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया। इसके साथ ही ब‍िहार में पहली बार बीजेपी सरकार बनने जा रही है। &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>विधायक दल के नेता चुने गए, बिहार में भाजपा के पहले मुख्यमंत्री होंगे </strong>, <strong>बुधवार को लेंगे शपथ ।</strong></p>



<p>पटना। बिहार की राजनीति में मंगलवार को एक अध्याय का समापन हो गया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया। इसके साथ ही ब&#x200d;िहार में पहली बार बीजेपी सरकार बनने जा रही है। लंबे इंतजार के बाद यह तय हो गया है क&#x200d;ि सम्राट चौधरी ब&#x200d;िहार के नए मुख्&#x200d;यमंत्री होंगे। ब&#x200d;िहार में अब नीतीश युग का अंत हो गया है और सम्राट युग की शुरुआत होने जा रही है। बीजेपी व&#x200d;िधानमंडल की बैठक में उनके नाम का ऐलान कर द&#x200d;िया गया है।</p>



<p>सम्राट चौधरी कल 15 अप्रैल को सुबह 11 बजे मुख्&#x200d;यमंत्री पद की शपथ लेंगे। हालांक&#x200d;ि अभी औपचार&#x200d;िक ऐलान होना बाकी है। इससे पहले नीतीश कुमार करीब 20 साल तक बिहार के मुख्यमंत्री रहे और आज उनके इस्तीफे के साथ &#8216;नीतीश युग&#8217; का अंत हो गया है। नीतीश ने अपने कार्यकाल की आखिरी कैबिनेट में इस्तीफे की बात रखी। इसके बाद वह सम्राट चौधरी और विजय चौधरी के साथ मिलकर अपना इस्तीफा देने पहुंचे। अब बस कुछ ही देर में एनडीए विधायक दल की बैठक होगी और इसके बाद सीएम के नाम का औपचारिक ऐलान हो सकता है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>यूपी में पहला हार्ट ट्रांसप्लांट,  महिला को मिला नया हार्ट</title>
		<link>https://newsx.in/archives/1069</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divy Vichar]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 13 Apr 2026 13:45:11 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[देश]]></category>
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					<description><![CDATA[संजय गांधी पीजीआई की टीम ने किया ट्रांसप्लांट , चार साल पहले से चल रही थी तैयारी  डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने ह्दय प्रत्यारोपण टीम को बधाई दी लखनऊ। संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआईएमएस) ने उत्तर प्रदेश का पहला हृदय प्रत्यारोपण करने में सफलता प्राप्त की है। पीजीआई में भर्ती महिला मरीज में हृदय प्रत्यारोपित किया &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>संजय गांधी पीजीआई की टीम ने किया ट्रांसप्लांट </strong>, <strong>चार साल पहले से चल रही थी तैयारी </strong></p>



<p><strong>डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने ह्दय प्रत्यारोपण टीम को बधाई दी</strong></p>



<p>लखनऊ। संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआईएमएस) ने उत्तर प्रदेश का पहला हृदय प्रत्यारोपण करने में सफलता प्राप्त की है। पीजीआई में भर्ती महिला मरीज में हृदय प्रत्यारोपित किया गया है। प्रत्यारोपण के बाद महिला मरीज स्वस्थ्य है। </p>



<p>दिल्ली के एक डोनर ने जीवन रक्षक कई अंग-लिवर, गुर्दे और हृदय-दान किए। लिवर और गुर्दे का प्रत्यारोपण दिल्ली में ही किया गया जबकि हृदय को पीजीआई में भर्ती महिला मरीज के लिए भेजा गया। प्राप्तकर्ता हृदय की मांसपेशियों की बीमारी, डायलेटेड कार्डियोमायोपैथी के कारण गंभीर हार्ट फेल्योर से पीड़ित था। दिल्ली से हृदय एयर एम्बुलेंस के माध्यम से लाया गया था। चौधरी चरण सिंह एयरपोर्ट से पीजीआई तक ग्रीन कॉरिडोर का उपयोग किया गया ताकि मानव अंग को समय पर पीजीआई तक पहुंचाया जा सके।</p>



<p><strong>उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने दी बधाई </strong></p>



<p>उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने इस सफल ऑपरेशन करने वाली टीम को बधाई देते हुए, इस प्रत्यारोपण को राज्य के स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश आधुनिक इलाज के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा अंग प्रत्यारोपण बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है।</p>



<p><strong>जटिल व जीवनरक्षक है ह्दय प्रत्यारोपण </strong></p>



<p>डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने बताया कि ह्दय प्रत्यारोपण एक जटिल लेकिन जीवनरक्षक सर्जरी है। जिसमें गंभीर हृदय रोग से जूझ रहे मरीज को किसी डोनर का स्वस्थ दिल प्रत्यारोपित किया जाता है। यह प्रक्रिया तब की जाती है जब दवाओं या अन्य उपचारों से लाभ नहीं मिलता। पीजीआई में भर्ती महिला मरीज का भी दिल काफी हद तक जवाब दे चुका था। लिहाजा डॉक्टरों ने मरीज में ह्दय प्रत्यारोपण का फैसला किया। उन्होंने जैसे ही दिल्ली में डोनर का पता चला। उसी दौरान जरूरी जांचें शुरू करा दी गई। प्रत्यारोपण से पहले डोनर और रिसीवर का ब्लड ग्रुप, टिश्यू मैचिंग और अन्य चिकित्सीय जांच कराई गईं। सर्जरी के दौरान मरीज के बीमार दिल को हटाकर डोनर का दिल लगाया गया। उसे प्रमुख रक्त वाहिकाओं से जोड़ा गया। घंटों तक चली सर्जरी के बाद मरीज पूरी तरह से स्वस्थ है। फिलहाल अस्पताल में भर्ती है।&nbsp;</p>



<p><strong>प्रत्यारोपण टीम के सदस्य</strong></p>



<p>सीवीटीएस विभाग के&nbsp; डॉ. एसके अग्रवाल, डॉ. शांतनु पांडे, डॉ. मिलिंद होते, डॉ विजय अग्रवाल, डॉ मुंशी, डॉ सिद्धार्थ, डॉ अरीब, डॉ अवनींद्र, डॉ सौरभ, डॉ विवेक, डॉ हर्ष,&nbsp; कॉर्डियोलॉजी विभाग के डॉ. आदित्य कपूर, डॉ. रूपाली खन्ना, डॉ. सत्येन्द्र तिवारी, डॉ अंकित साहू, एनेस्थीसिया विभाग के डॉ. पुनीत गोयल, डॉ अमित, डॉ पल्लव सिंह, डॉ नितिन त्रिवेदी, डॉ आनंदिता कश्यप, डॉ मलिका धवल, डॉ श्रद्धा गंगेले, प्रोफेसर संजय धीरज, प्रोफेसर देवेंद्र गुप्ता आदि डॉक्टरों ने सहयोग किया।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>तृणमूल व वामपंथी गुंडों का इलाज सिर्फ भाजपा के पासः योगी आदित्यनाथ</title>
		<link>https://newsx.in/archives/1062</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divy Vichar]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 12 Apr 2026 17:33:52 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
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					<description><![CDATA[पश्चिम बंगाल के चुनावी रण में उतरे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोनामुखी, नंदकुमार व कांथी दक्षिण विधानसभा क्षेत्रों में किया विशाल जनसभाओं को संबोधित सोनामुखी/पूर्वी मेदिनीपुर।। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को पश्चिम बंगाल के चुनावी रण में उतरे। सोनामुखी, नंदकुमार व कांथी दक्षिण विधानसभा क्षेत्रों में आयोजित तीन जनसभाओं में कांग्रेस, वामपंथी दलों व तृणमूल कांग्रेस &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>पश्चिम बंगाल के चुनावी रण में उतरे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ</strong></p>



<p><strong>सोनामुखी, नंदकुमार व कांथी दक्षिण विधानसभा क्षेत्रों में किया विशाल जनसभाओं को संबोधित</strong></p>



<p>सोनामुखी/पूर्वी मेदिनीपुर।। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को पश्चिम बंगाल के चुनावी रण में उतरे। सोनामुखी, नंदकुमार व कांथी दक्षिण विधानसभा क्षेत्रों में आयोजित तीन जनसभाओं में कांग्रेस, वामपंथी दलों व तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर कड़े प्रहार किए। उन्होंने टीएमसी के ‘मां-माटी-मानुष’ के नारे पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि आज बंगाल में मां-बहन असुरक्षित हैं, माटी घुसपैठियों के कब्जे में और मानुष भयभीत व असहाय है। बंगाल में तृणमूल व वामपंथी गुंडों का उपचार सिर्फ भाजपा के पास है। टीएमसी का पूरा मतलब तुष्टिकरण, माफियाराज और कट मनी है। सीएम ने कोलकाता के मेयर को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि बंगाल की जनता उर्दू नहीं, बांग्ला ही बोलेगी। यहां कठमुल्लापन की संस्कृति नहीं चलने दी जाएगी।</p>



<p>सीएम योगी ने कहा कि तृणमूल के शासन में यहां बहुत तांडव हुआ है। हमारे कार्यकर्ता सुमन को गोली मार दी गई, सुशोभन का हाथ काट दिया गया। कई कार्यकर्ताओं के घर उजाड़ दिए गए। तृणमूल की गुंडागर्दी के ऐसे अनगिनत उदाहरण भरे पड़े हैं। सीएम ने बंगालवासियों का आह्वान करते हुए कहा कि दिल्ली में मोदी जी हैं, पश्चिम बंगाल में भी आप भाजपा सरकार लाइए, डबल इंजन सरकार दंगाइयों का इलाज कर देगी। तृणमूल व वामपंथी गुंडों का उपचार केवल भाजपा सरकार के पास है।</p>



<p>*बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्या पर ममता मौन*</p>



<p>सीएम योगी ने कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं के कत्लेआम पर ममता दीदी मौन रहीं। भय था कि बोलने पर उनका मुस्लिम वोट न खिसक जाए। वोटबैंक के सौदागर बंगाल की डेमोग्रॉफी को बदलना चाहते हैं। मालदा, मुर्शिदाबाद, उत्तर दिनाजपुर, नादिया, बीरभूम व हावड़ा जैसे जिलों में सामाजिक संतुलन बिगाड़ने की चेष्टा हो रही है। लगभग 570 किमी सीमा पर फेंसिंग जरूरी है, ताकि अवैध गतिविधियों व घुसपैठ पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। कांग्रेस, वामपंथी दलों और तृणमूल कांग्रेस को भावी पीढ़ी के साथ खिलवाड़ करने की छूट नहीं दी जा सकती। ये लोग नवरात्रि आयोजन में व्यवधान पैदा करते हैं, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। हम सब मिलकर बंगाल का पुराना वैभव लौटा सकते हैं। मैं इसी आह्वान के साथ आपके बीच आया हूं।</p>



<p>*बंगाल की दुर्दशा को देखकर होता है दुख*&nbsp;</p>



<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि बंगाल की दुर्दशा को देखकर दुख होता है। बंगाल भारत के अध्यात्म, संस्कृति, कला-शिक्षा की धरती है। इस धरती ने उच्चकोटि के आध्यात्मिक साधक दिए हैं। अपनी उद्यमिता, परिश्रम, कल-कारखानों, युवाओं की प्रतिभा, श्रमिकों के श्रम से बंगाल एक समय भारत की जीडीपी का बड़ा हिस्सा उपलब्ध कराता था, लेकिन पहले कांग्रेस, फिर वामपंथ और 15 वर्ष से तृणमूल कांग्रेस ने बंगाल को कंगाल करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। उत्तर प्रदेश में आलू उत्पादक किसानों को 15-16 रुपये किलो का दाम मिल रहा है, जबकि यहां सिर्फ एक से डेढ़ रुपये। यहां किसान कर्ज लेने को मजबूर है। टीएमसी सरकार बंगाल को फिर से उसी त्रासदी की ओर ले जा रही है, जिसका उल्लेख आनंद मंठ के माध्यम से बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने किया था। उस समय अकाल था, लेकिन आज सरकार द्वारा पाले गए गुंडे शोषण कर रहे हैं।</p>



<p>*तृणमूल ने खड़ा किया बंगाल की पहचान का संकट*</p>



<p>सीएम योगी ने कहा कि तृणमूल ने बंगाल की पहचान को संकट में लाकर खड़ा कर दिया। पीएम मोदी गरीबों के मकान, राशन, स्वास्थ्य, किसान, गांव के विकास के लिए जो पैसा भेजते हैं, वो पैसा टीएमसी के गुंडे हजम कर जाते हैं। आज यूपी में 40 हजार बड़े उद्योग व 96 लाख एमएसएमई यूनिट कार्यरत हैं। हमने एमएसएमई में 3 करोड़, बड़े उद्योगों में 65 लाख और सरकारी विभागों में 9 लाख से अधिक नौजवानों को नौकरी दी है। बंगाल की तृणमूल सरकार बताए, 15 वर्ष में कितने नौजवानों को नौकरी दी। 12 हजार एमएसएमई यूनिट बंद होने के साथ ही बड़े पैमाने पर बंगाल से उद्योग पलायन कर रहे हैं।&nbsp;</p>



<p>*9 साल पहले यही हाल यूपी का था*</p>



<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि जो अराजकता, अव्यवस्था, गुंडागर्दी आज पश्चिम बंगाल में है, 9 वर्ष पहले वही स्थिति उत्तर प्रदेश में भी थी। वहां त्योहारों के पहले दंगे होते थे, महीनों कर्फ्यू रहता था। गुंडे-माफिया समानांतर सत्ता संचालन करते थे। 2017 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर उत्तर प्रदेश में जनता-जनार्दन ने डबल इंजन सरकार बनाई तो आज यूपी में तुष्टिकरण नहीं, संतुष्टिकरण है। सरकार नौजवान, गरीब, महिला, किसान, श्रमिक समेत सभी वर्गों के सम्मान के लिए कार्य कर रही है। यूपी में नो कर्फ्यू-नो दंगा, वहां सब है चंगा। यूपी के सभी गुंडे-माफिया जहन्नुम की यात्रा पर चले गए। यूपी भारत की इकॉनमी में ग्रोथ इंजन के रूप में अपनी भूमिका निभा रहा है।&nbsp;</p>



<p>*माफिया का इलाज भी करता है यूपी का बुलडोजर*</p>



<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि आज कोलकाता का मेयर चुनौती देता है, कहता है कि बंगाल की आधी आबादी उर्दू बोलेगी, यानी बांग्ला और बंगाली पहचान को समाप्त करने की कोशिश की जा रही है। यह एक साजिश है और इसे सफल नहीं होने दिया जाएगा। जो लोग कहते हैं कि यहां उर्दू बोली जाएगी, उन्हें स्पष्ट कर दो कि बंगाल में बांग्ला ही बोली जाएगी। भारत में मां काली-मां गंगा की पूजा होगी और बंगाल का हर नागरिक भी जय श्रीराम का उद्घोष करेगा। बंगाल की कला, संस्कृति, आध्यात्मिक विरासत, बहन-बेटियों की सुरक्षा और युवाओं के रोजगार के साथ जो भी खिलवाड़ करेगा, उसे उत्तर प्रदेश का बुलडोजर सख्त जवाब देगा। यूपी का बुलडोजर केवल सड़कें बनाने तक सीमित नहीं है, यह माफिया का इलाज भी करता है। और, यह बुलडोजर वहीं प्रभावी ढंग से चलता है, जहां डबल इंजन सरकार की रफ्तार और संकल्प मौजूद होता है।</p>



<p>*हर घर पर भगवा लहराता दिखाई देगा*</p>



<p>सीएम योगी ने कहा कि यूपी में अब सड़कों पर नमाज नहीं पढ़ी जाती। मस्जिदों से शोरगुल नहीं होता। गोहत्या पर प्रतिबंध है। यूपी में अब लव जेहाद-लैंड जेहाद नहीं है। वह रामराज्य की स्थापना भूमि है। कांग्रेस, टीएमसी, सपा व राजद ने राम मंदिर का विरोध किया, लेकिन रामभक्तों के कारण अयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर बन गया। जिस दिन 145 करोड़ का भारत मोदी जी की आवाज में आवाज मिलाकर चलेगा, भारत विरोधी ताकतों के हौसले पस्त हो जाएंगे और हर घर पर भगवा लहराता दिखाई देगा।&nbsp;</p>



<p>*बंगाल की धरती पर राष्ट्रनायकों का किया स्मरण*&nbsp;</p>



<p>मुख्यमंत्री ने खुदीराम बोस को याद कर कहा कि देश की आजादी के लिए उन्होंने हंसते-हंसते फांसी के फंदे को चूमा था। नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने उद्घोष किया था कि तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा। बंगाल ने स्वामी विवेकानंद जैसा संन्यासी दिया, जिन्होंने ‘गर्व से कहो, मैं हिंदू हूं’ का भाव जगाया। बंगाल रामकृष्ण परमहंस, श्यामा प्रसाद मुखर्जी, लाहिड़ी महाशय व भारत सेवाश्रम संघ के संस्थापक स्वामी प्रणवानंद की धरती है, लेकिन भारत की संस्कृति की आत्मा और राष्ट्रवाद की धरती बंगाल को तृणमूल कांग्रेस ने तुष्टिकरण, लूट-खसोट, अराजकता की धरती बनाकर रख दिया।&nbsp;</p>



<p>*परिवर्तन की राह पर चल पड़ा है बंगाल*&nbsp;</p>



<p>सीएम योगी ने बंगाल की धरती पर राष्ट्रगान के रचयिता गुरुदेव रविंद्र नाथ ठाकुर व राष्ट्रगीत के रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय को भी याद किया। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम ने जनचेतना को जागरूक कर हर भारतवासी के मन में स्वाधीनता की अलख जगाई। स्वाधीनता में अमर मंत्र बनकर वंदे मातरम ने भारत को एकता के सूत्र में जोड़ा। राष्ट्रगीत वंदे मातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने पर मैं विश्वास से कह रहा हूं कि बंगाल परिवर्तन की नई राह पर चल पड़ा है।&nbsp;</p>



<p>*जहां भी है भाजपा सरकार, वहां हर वर्ग का सम्मान*&nbsp;</p>



<p>सीएम योगी ने बंगाल के मतदाताओं से कहा कि जिस भी राज्य में भाजपा की डबल इंजन सरकार आई है, वहां इंफ्रास्ट्रक्चर, नौकरी, रोजगार, बेटियों व व्यापारियों की सुरक्षा हुई है। हर किसी को सुरक्षा की गारंटी है। किसानों का सम्मान, गरीब के आगे बढ़ने की संभावनाएं हैं। सीएम योगी ने उत्तर प्रदेश में सरकारी योजनाओं से लाभान्वित लोगों का भी जिक्र किया। कहा कि बंगाल में सारी संभावनाएं हैं, बस मतदाताओं के समर्थन व आशीर्वाद की आवश्यकता है। 1905 में जब ब्रिटिशर द्वारा बंगाल विभाजन की साजिश रची गई थी, तब बंगाल ने आह्वान किया था कि हम विभाजित नहीं होंगे। उस समय बंगाल से स्वदेशी की हुंकार निकली थी और पूरे भारत को स्वाधीनता आंदोलन से जोड़ने का कार्य किया था।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>कौन होगा बिहार का अगला मुख्यमंत्री </title>
		<link>https://newsx.in/archives/1054</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divy Vichar]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 12 Apr 2026 17:09:19 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
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					<description><![CDATA[पर्यवेक्षक के रूप में शिवराज सिंह चौहान पहुंचे पटना  पटना। बिहार की सियासत इस समय बेहद अहम मोड़ पर खड़ी है। यहां नए मुख्यमंत्री चयन की कवायद शुरू हो गई है मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 14 तारीख तक इस्तीफा दे सकते हैं, जिसके बाद राज्य में सत्ता परिवर्तन लगभग तय माना जा रहा है। इस संभावित बदलाव &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>पर्यवेक्षक के रूप में शिवराज सिंह चौहान पहुंचे पटना </strong></p>



<p>पटना। बिहार की सियासत इस समय बेहद अहम मोड़ पर खड़ी है। यहां नए मुख्यमंत्री चयन की कवायद शुरू हो गई है </p>



<p>मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 14 तारीख तक इस्तीफा दे सकते हैं, जिसके बाद राज्य में सत्ता परिवर्तन लगभग तय माना जा रहा है। इस संभावित बदलाव के साथ ही सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर बिहार की कमान किसके हाथ में जाएगी।  चर्चा है कि इस बार मुख्यमंत्री पद भारतीय जनता पार्टी के खाते में जा सकता है, जबकि जेडीयू को उपमुख्यमंत्री पद से संतुष्ट होना पड़ सकता है। </p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>सामाजिक न्याय, जाति जनगणना और ओबीसी अधिकारों को लेकर कांग्रेस का ऐलान</title>
		<link>https://newsx.in/archives/1039</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divy Vichar]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 11 Apr 2026 17:35:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[प्रादेशिक]]></category>
		<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
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					<description><![CDATA[यूपी में मनोज यादव के नेतृत में चलेगा ओबीसी महिलाओं को आरक्षण दिलाने का अभियान  महात्मा ज्योतिबा फुले जयंती पर कांग्रेस ओबीसी विभाग ने लिए कई संकल्प लखनऊ। लखनऊ के इंदिरा गाँधी प्रतिष्ठान में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के ओबीसी विभाग द्वारा देश के इतिहास में सामाजिक क्रांति के अगुआ महात्मा ज्योतिबा फुले  के 200वीं &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>यूपी में <strong>मनोज यादव के नेतृत में चलेगा ओबीसी महिलाओं को आरक्षण दिलाने का अभियान </strong></p>



<p><strong>महात्मा ज्योतिबा फुले जयंती पर कांग्रेस ओबीसी विभाग ने लिए कई संकल्प </strong></p>



<p>लखनऊ। लखनऊ के इंदिरा गाँधी प्रतिष्ठान में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के ओबीसी विभाग द्वारा देश के इतिहास में सामाजिक क्रांति के अगुआ महात्मा ज्योतिबा फुले  के 200वीं जयंती को वैज्ञानिक जाति जनगणना दिवस &#8221; के रूप में मनाया गया।</p>



<p>कार्यक्रम  में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सभी वर्गो को उनकी आबादी के अनुपात में हिस्सेदारी वाले भागीदारी न्याय आंदोलन की अगुआई करने के लिए मल्लिकार्जुन खरगे  और नेता प्रतिपक्ष लोकसभा राहुल गाँधी  का आभार व्यक्त किया। उन्होंने उत्तर प्रदेश के सभी नेताओं कार्यकर्ताओं को ओबीसी की जातिगत जनगणना, ओबीसी महिलाओं की सभी लोकसभा सीटों में आबादी के अनुपात में हिस्सेदारी के लिए गाँव गाँव, चौराहे चौराहे पर कार्यक्रम आयोजित करने की अपील की ।</p>



<p>कांग्रेस ओबीसी विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अनिल जय हिन्द  ने बताया कि डॉ. अम्बेडकर  के गुरु महात्मा ज्योतिबा फुले जी ने पिछड़े दलित आदिवासी समाज को शिक्षित और सक्षम बनाने के लिए जीवन भर त्याग और संघर्ष किया, अनिल जय हिन्द ने सरकार को चेताया कि महिलाओं को उनके हिस्सेदारी से वँचित करने की मनुवादी सोंच के खिलाफ कांग्रेस पार्टी आंदोलन करेगी।साथ ही कार्यक्रम में उपस्थित नेताओं कार्यकर्ताओं के लिए राहुल गाँधी जी के सन्देश भी पढ़ कर सुनाया।</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="1024" height="682" src="https://divyvichar.com/wp-content/uploads/2026/04/IMG-20260411-WA0028-1024x682.jpg" alt="" class="wp-image-1042" srcset="https://newsx.in/wp-content/uploads/2026/04/IMG-20260411-WA0028-1024x682.jpg 1024w, https://newsx.in/wp-content/uploads/2026/04/IMG-20260411-WA0028-300x200.jpg 300w, https://newsx.in/wp-content/uploads/2026/04/IMG-20260411-WA0028-768x512.jpg 768w, https://newsx.in/wp-content/uploads/2026/04/IMG-20260411-WA0028-1536x1023.jpg 1536w, https://newsx.in/wp-content/uploads/2026/04/IMG-20260411-WA0028.jpg 1600w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>कांग्रेस ओबीसी विभाग के प्रदेश अध्यक्ष मनोज यादव ने कहा है आज नई शुरुआत हुई है। उत्तर प्रदेश में पिछड़े वर्ग की महिलाओं को आरक्षण में हिस्सेदारी दिलाने के लिए अभियान चलाया जाएगा। महिलाओं को जागरूक करके भाजपा सरकार की मनमानी पर रोक लगाई जाएगी और आगामी चुनाव में उसे सत्ता से बेदखल किया जाएगा। उन्होंने कार्यक्रम में आए सभी नेताओं कार्यकर्ताओं को धन्यवाद देते हुए कहा कि समता मूलक समाज की स्थापना के लिए हमें इसी तरह एकजुटता और धैर्य से काम करने की जरूरत है। ताकि कांग्रेस महासचिव प्रियंका गाँधी वाड्रा&nbsp; ने जिस भरोसे के साथ उत्तर प्रदेश संगठन में सामाजिक न्याय के मूल्यों की नींव रखी थीं,उसे निश्चित तौर पर पूरा किया जा सके।</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" width="1024" height="682" src="https://divyvichar.com/wp-content/uploads/2026/04/IMG-20260411-WA0029-1024x682.jpg" alt="" class="wp-image-1044" srcset="https://newsx.in/wp-content/uploads/2026/04/IMG-20260411-WA0029-1024x682.jpg 1024w, https://newsx.in/wp-content/uploads/2026/04/IMG-20260411-WA0029-300x200.jpg 300w, https://newsx.in/wp-content/uploads/2026/04/IMG-20260411-WA0029-768x512.jpg 768w, https://newsx.in/wp-content/uploads/2026/04/IMG-20260411-WA0029-1536x1023.jpg 1536w, https://newsx.in/wp-content/uploads/2026/04/IMG-20260411-WA0029.jpg 1600w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p></p>



<p>तेलंगाना के मंत्री का सम्मान&nbsp;</p>



<p>कार्यक्रम में तेलंगाना कांग्रेस सरकार में परिवहन एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री पोन्नम प्रभाकर को जनगणना को वैज्ञानिक तरीके से कराने के लिए सम्मानित किया गया। इस अवसर पर पोन्नम प्रभाकर ने कहा कि केंद्र की बीजेपी सरकार को तेलंगाना मॉडल अपना कर पिछड़ों को देश के सभी संस्थाओं -संसाधनों में आबादी के अनुपात में हिस्सेदारी देकर उनके साथ न्याय करना चाहिए। कांग्रेस महासचिव/ उत्तर प्रदेश प्रभारी अविनाश पाण्डेय ने कार्यक्रम की ऐतिहासिक सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि पिछड़ों को जोड़ने के लिए पार्टी पूरी तरह प्रतिबद्ध है,आबादी के अनुपात में हिस्सेदारी सुनिश्चित किया जायेगा। झारखण्ड प्रभारी के. राजू ने राहुल गाँधी जी के भागीदारी के मुद्दे को उत्तर प्रदेश में मज़बूत करने के लिए पिछड़ा वर्ग विभाग, उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की सराहना किया। मौके पर प्रदेश अध्यक्ष अजय राय, संसद राकेश राठौर, राजेंद्र पाल गौतम,&nbsp;आराधना मिश्रा (नेता, कांग्रेस विधानमंडल दल), रवि प्रकाश वर्मा (पूर्व सांसद), वीरेंद्र चौधरी विधायक, अजय कुमार लल्लू (कांग्रेस महासचिव प्रभारी ओड़िसा ),जितेन्द्र बघेल (राष्ट्रीय सचिव ), शाहनवाज़ आलम (राष्ट्रीय सचिव ), सुशील पासी (राष्ट्रीय सचिव ),पूर्व मंत्री मसूद अहमद,अनिल यादव,मनोज यादव, देवेंद्र निषाद, डॉ. राहुल राजभर, प्रतिभा अटल पाल,जितेंद्र पटेल,ममता राजपूत, डॉ. राजकुमार मौर्या,राहुल राय प्रजापति,सूर्यकेश विश्वकर्मा,संकल्प नंदन आदि मौजूद रहे।&nbsp;</p>



<p></p>
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		<item>
		<title>बीमार भारत न तो विकसित हो सकता है और न सशक्त बन सकता है : मुख्यमंत्री</title>
		<link>https://newsx.in/archives/1019</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divy Vichar]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 10 Apr 2026 17:38:09 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[जीवनशैली]]></category>
		<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[प्रादेशिक]]></category>
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					<description><![CDATA[मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्डियोलॉजिकल सोसायटी ऑफ इंडिया के सम्मेलन ‘एनआईसी-2026’ को किया संबोधित लखनऊ।।तेजी से बदलती जीवनशैली और नॉन-कम्युनिकेबल डिजीज के बढ़ते खतरे के बीच स्वास्थ्य नीति के केंद्र में अब केवल उपचार नहीं, बल्कि बचाव (प्रिवेंशन) और उपचार (ट्रीटमेंट), दोनों का संतुलित समन्वय अनिवार्य हो गया है। इसी व्यापक दृष्टि को सामने रखते &#8230;]]></description>
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<p><strong>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्डियोलॉजिकल सोसायटी ऑफ इंडिया के सम्मेलन ‘एनआईसी-2026’ को किया संबोधित</strong></p>



<p>लखनऊ।।तेजी से बदलती जीवनशैली और नॉन-कम्युनिकेबल डिजीज के बढ़ते खतरे के बीच स्वास्थ्य नीति के केंद्र में अब केवल उपचार नहीं, बल्कि बचाव (प्रिवेंशन) और उपचार (ट्रीटमेंट), दोनों का संतुलित समन्वय अनिवार्य हो गया है। इसी व्यापक दृष्टि को सामने रखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यदि देश को दीर्घकालिक रूप से स्वस्थ और उत्पादक बनाना है, तो चिकित्सा व्यवस्था को इलाज-केंद्रित मॉडल से आगे बढ़ाकर जन-जागरूकता और जीवनशैली में सुधार पर आधारित मॉडल की ओर ले जाना होगा। मुख्यमंत्री शुक्रवार को अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल यूनिवर्सिटी में कार्डियोलॉजिकल सोसायटी ऑफ इंडिया के सम्मेलन ‘एनआईसी-2026’ को संबोधित कर रहे थे।</p>



<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार स्वास्थ्य अवसंरचना और किफायती उपचार के विस्तार पर काम कर रही है। दूसरी ओर, समाज को बीमारियों से पहले ही सुरक्षित करने की रणनीति यानी ‘बचाव’ को प्राथमिकता देना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। यही द्विस्तरीय दृष्टिकोण (मजबूत उपचार व्यवस्था और व्यापक बचाव अभियान) आने वाले भारत की स्वास्थ्य सुरक्षा का आधार बनेगा और ‘विकसित भारत’ की परिकल्पना को वास्तविकता में बदलने की दिशा तय करेगा।</p>



<p>*बचाव को बनाना होगा प्राथमिकता*</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" width="1024" height="781" src="https://divyvichar.com/wp-content/uploads/2026/04/IMG-20260410-WA0024-1-1024x781.jpg" alt="" class="wp-image-1022" srcset="https://newsx.in/wp-content/uploads/2026/04/IMG-20260410-WA0024-1-1024x781.jpg 1024w, https://newsx.in/wp-content/uploads/2026/04/IMG-20260410-WA0024-1-300x229.jpg 300w, https://newsx.in/wp-content/uploads/2026/04/IMG-20260410-WA0024-1-768x586.jpg 768w, https://newsx.in/wp-content/uploads/2026/04/IMG-20260410-WA0024-1-1536x1172.jpg 1536w, https://newsx.in/wp-content/uploads/2026/04/IMG-20260410-WA0024-1-2048x1562.jpg 2048w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि नॉन-कम्युनिकेबल डिजीज आज समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय बन चुकी हैं, जबकि भारत की परंपरा में संतुलित आहार और नियमित दिनचर्या हमेशा से स्वस्थ जीवन का आधार रही है। बदलती जीवनशैली के चलते उत्पन्न चुनौतियों के बीच अब स्वास्थ्य के दो प्रमुख आयाम &#8211; बचाव (प्रिवेंशन) और उपचार (ट्रीटमेंट) स्पष्ट रूप से सामने हैं। जहां विशेषज्ञों की स्वाभाविक रुचि उपचार और नवाचार में होती है, वहीं उनका मानना है कि इन बीमारियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए बचाव को प्राथमिकता देनी होगी। जागरूकता अभियान के माध्यम से लोगों को स्वस्थ दिनचर्या अपनाने के लिए प्रेरित करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है, जिससे भविष्य की स्वास्थ्य चुनौतियों का सामना बेहतर तरीके से किया जा सके।</p>



<p>*आयुष्मान भारत बना सबसे बड़ा स्वास्थ्य सुरक्षा कवच*</p>



<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस तेजी से नॉन-कम्युनिकेबल बीमारियां बढ़ रही हैं और समाज का बड़ा वर्ग इसकी चपेट में आ रहा है, वह गंभीर चिंता का विषय है। पहले गंभीर बीमारी का मतलब पूरे परिवार के लिए आर्थिक संकट होता था, क्योंकि न पर्याप्त स्वास्थ्य संस्थान थे और न ही विशेषज्ञों की उपलब्धता। लेकिन पिछले वर्षों में स्थिति में बड़ा बदलाव आया है। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के माध्यम से आज देश के लगभग 55-60 करोड़ लोगों को प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक की स्वास्थ्य सुरक्षा मिल रही है, जो दुनिया की सबसे बड़ी हेल्थ कवरेज योजनाओं में एक है और आमजन को उपचार की बड़ी चिंता से राहत प्रदान कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2025 में मुख्यमंत्री राहत कोष के माध्यम से लगभग 1400 करोड़ रुपये उपचार के लिए जनता को उपलब्ध कराए गए, जो सरकार की संवेदनशीलता का प्रमाण है। आयुष्मान भारत योजना से वंचित रह गए वर्गों को भी मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत शामिल कर स्वास्थ्य सुरक्षा का दायरा बढ़ाया गया है। हाल ही में शिक्षकों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा वर्कर्स, एएनएम तथा मिड-डे मील से जुड़े रसोइयों को भी इस योजना में कवर किया गया है, जिससे समाज का एक बड़ा वर्ग अब स्वास्थ्य सुरक्षा के दायरे में आ गया है और उन्हें प्रभावी लाभ मिल रहा है।</p>



<p>*जागरूकता के बिना नहीं रुकेगी बीमारी की चुनौती*</p>



<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि एक दशक पहले उत्तर प्रदेश में केवल 17 सरकारी मेडिकल कॉलेज संचालित थे, जो 25 करोड़ की आबादी के लिए बेहद अपर्याप्त थे, जबकि आज केंद्र व राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से उनकी संख्या बढ़कर 81 हो गई है और 2 एम्स भी संचालित हैं। हर जिले में आईसीयू की स्थापना, अनेक स्थानों पर कैथ लैब की शुरुआत, निजी क्षेत्र में सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों का तेजी से विस्तार और पुराने मेडिकल कॉलेजों के इंफ्रास्ट्रक्चर का सुदृढ़ीकरण स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती दे रहा है। लखनऊ के एसजीपीजीआई, केजीएमयू और डॉ. राम मनोहर लोहिया चिकित्सा संस्थान के माध्यम से टेली-कंसल्टेशन, टेली-आईसीयू और वर्चुअल आईसीयू सेवाओं को प्रदेशभर के अस्पतालों से जोड़ा गया है। साथ ही मेडिकल डिवाइस पार्क और फार्मा पार्क के जरिए सस्ती और गुणवत्तापूर्ण उपचार व्यवस्था विकसित की जा रही है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने इंगित किया कि इन सभी प्रयासों के बावजूद, यदि जीवनशैली में सुधार और व्यापक जागरूकता अभियान पर समान बल नहीं दिया गया, तो बढ़ती बीमारियों की चुनौती को केवल उपचार के माध्यम से नियंत्रित करना संभव नहीं होगा।</p>



<p>*चिकित्सकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण*</p>



<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां निजी क्षेत्र में कार्यरत चिकित्सकों के लिए परिस्थितियां अपेक्षाकृत सहज हैं, वहीं सरकारी संस्थानों में अत्यधिक मरीजों की भीड़ एक गंभीर चुनौती बन चुकी है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि केजीएमयू में प्रतिदिन 12 से 14 हजार, एम्स दिल्ली में 16 से 17 हजार और एसजीपीजीआई में 10 से 12 हजार तक ओपीडी होती है। ऐसी स्थिति में प्रत्येक मरीज को पर्याप्त समय और गुणवत्तापूर्ण उपचार दे पाना कठिन हो जाता है, और भविष्य में यह दबाव और बढ़ने की आशंका है। उन्होंने कहा कि बदलती जीवनशैली, विशेषकर प्रतिदिन 4 से 6 घंटे स्मार्टफोन के उपयोग ने नई बीमारियों को जन्म दिया है, वहीं डायबिटीज का तेजी से बढ़ता प्रसार भी बड़ी चुनौती बनकर सामने आया है। इन परिस्थितियों में केवल सरकारी प्रयास पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि व्यापक जन जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब यही संदेश डॉक्टरों के माध्यम से समाज तक पहुंचता है, तो उसका प्रभाव अधिक गहरा और स्थायी होता है, इसलिए चिकित्सकों की भूमिका इस अभियान में अत्यंत महत्वपूर्ण है।</p>



<p>*मिलावटी खान-पान और बिगड़ी दिनचर्या सबसे बड़ी चुनौती*</p>



<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि आज की सबसे बड़ी चुनौती बदलती जीवनशैली और खान-पान में बढ़ती मिलावट है। अतीत में लोग समय पर सोते-जागते और संतुलित आहार लेते थे, जबकि आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। दीपावली से पहले चलाए गए अभियान का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि छापेमारी के दौरान हजारों क्विंटल मिलावटी खोवा और पनीर बरामद हुआ, जिससे यह स्पष्ट होता है कि बाजार में खाद्य पदार्थों की शुद्धता पर गंभीर प्रश्नचिह्न है। आज किसी भी समारोह में परोसे जा रहे खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर निश्चित नहीं हुआ जा सकता। इस चुनौती के बीच प्रधानमंत्री द्वारा पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों और योग को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने का प्रयास सराहनीय है, जिसका उदाहरण 21 जून को मनाया जाने वाला ‘विश्व योग दिवस’ है। मुख्यमंत्री ने आह्वान किया कि चिकित्सक और विशेषज्ञ समाज को संयमित दिनचर्या अपनाने, स्मार्टफोन के अत्यधिक उपयोग से बचने और स्वस्थ जीवनशैली के लिए प्रेरित करें, क्योंकि जन जागरूकता ही इस बढ़ती समस्या का सबसे प्रभावी समाधान है।</p>



<p>*स्वस्थ नागरिक ही स्वस्थ समाज और सशक्त राष्ट्र की नींव*</p>



<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जागरूकता और उपचार दोनों स्तरों पर समान रूप से कार्य कर रही है, ताकि स्वास्थ्य सेवाएं सस्ती, सुलभ और प्रभावी बन सकें। आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से बाईपास सर्जरी, एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी जैसी हृदय रोग उपचार सुविधाएं आमजन तक पहुंचाई जा रही हैं, जिससे गरीब वर्ग को भी राहत मिली है। श्रमिक वर्ग में सक्रिय जीवनशैली के कारण हृदय रोग अपेक्षाकृत कम हैं, लेकिन बदलती परिस्थितियों में समय पर स्क्रीनिंग, जागरूकता और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं अत्यंत आवश्यक हैं। मुख्यमंत्री ने देश-विदेश से आए विशेषज्ञों से आह्वान किया कि वे बचाव और उपचार दोनों पक्षों पर समन्वित रूप से कार्य करते हुए ठोस निष्कर्ष प्रस्तुत करें, क्योंकि स्वस्थ नागरिक ही स्वस्थ समाज और सशक्त राष्ट्र की नींव है, और पीएम मोदी के नेतृत्व में ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए बीमारियों से मुक्त समाज का निर्माण अनिवार्य है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सम्मेलन में प्रस्तुत शोधपत्रों और चर्चाओं के माध्यम से इस दिशा में सार्थक और ठोस मार्गदर्शन प्राप्त होगा।</p>



<p>*अटल मेडिकल यूनिवर्सिटी बना नई स्वास्थ्य शिक्षा का केंद्र*</p>



<p>इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत में कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल यूनिवर्सिटी प्रदेश की पहली ऐसी यूनिवर्सिटी है, जिसके साथ सभी मेडिकल कॉलेजों को संबद्ध किया गया है, जो चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम है। इस भव्य कन्वेंशन हॉल में इतनी बड़ी कार्डियोलॉजी कॉन्फ्रेंस का आयोजन गर्व का विषय है और स्वयं वे इस विश्वविद्यालय की स्थापना से लेकर इसकी रूपरेखा तैयार करने की पूरी प्रक्रिया से जुड़े रहे हैं। वर्चुअल उद्घाटन के बाद आज यहां आकर विशेषज्ञों से संवाद का अवसर मिलना उनके लिए विशेष रहा। यह सभागार श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी के विराट व्यक्तित्व के अनुरूप निर्मित हुआ है और यहां इस स्तर का आयोजन होना अपने आप में गौरवपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने इसे न केवल उत्तर प्रदेश, बल्कि बदलते भारत के नए स्वरूप का प्रतीक बताते हुए कहा कि जो प्रदेश कभी ‘बीमारू राज्य’ की श्रेणी में गिना जाता था, वही आज देश की अर्थव्यवस्था का एक मजबूत ग्रोथ इंजन बनकर उभर रहा है।</p>



<p>इस अवसर पर सीएसआई के प्रेसिडेंट डॉ. धीमान काहली, प्रेसिडेंट इलेक्ट डॉ. सत्येंद्र तिवारी, जनरल सेक्रेटरी डॉ. बी.पी. सिन्हा, साइंटिफिक चेयरमैन डॉ. हरेंद्र कुमार बाली, प्रदेश सरकार के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी मेडिकल हेल्थ एंड एजुकेशन अमित कुमार घोष, वाइस चांसलर अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल यूनिवर्सिटी मेजर जनरल अमित देवगन, डॉ. ऋषि सेठी, आयोजन सचिव डॉ. शरद चंद्रा और देश और दुनिया के कई वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ और प्रतिनिधि उपस्थित रहे।</p>
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			</item>
		<item>
		<title>जस्टिस यशवंत वर्मा का इस्तीफा</title>
		<link>https://newsx.in/archives/1005</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divy Vichar]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 10 Apr 2026 17:04:22 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[देश]]></category>
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					<description><![CDATA[दिल्ली वाले घर में जले हुए कैश मिलने के बाद उनका स्थानांतरण इलाहाबाद हाईकोर्ट में कर दिया गया था। प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट में तैनात जस्टिस यशवंत वर्मा ने इस्तीफा दे दिया है। उनके दिल्ली वाले घर में भारी मात्रा में जले हुए नोट मिलने के मामले में उनके खिलाफ आंतरिक जांच चल रही थी। साथ &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>दिल्ली वाले घर में जले हुए कैश मिलने के बाद उनका स्थानांतरण इलाहाबाद हाईकोर्ट में कर दिया गया था।</strong></p>



<p>प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट में तैनात जस्टिस यशवंत वर्मा ने इस्तीफा दे दिया है। उनके दिल्ली वाले घर में भारी मात्रा में जले हुए नोट मिलने के मामले में उनके खिलाफ आंतरिक जांच चल रही थी। साथ ही महाभियोग की भी चर्चा थी। इसी बीच उन्होंने पद से त्याग पत्र दे दिया है। दिल्ली वाले घर में जले हुए कैश मिलने के बाद उनका स्थानांतरण इलाहाबाद हाईकोर्ट में कर दिया गया था। पांच अप्रैल 2025 को उन्होंने शपथ ग्रहण किया था। न्यायिक कार्य से उनको फिलहाल अलग किया गया था। उनके खिलाफ महाभियोग लाने के मामले में कमेटी का गठन किया गया है। कई सांसदों ने संसद में जस्टिस वर्मा को हटाने के लिए नोटिस दिया था। फिलहाल जस्टिस वर्मा के खिलाफ आतंरित जांच कमेटी जांच कर रही है। </p>



<p><strong>अत्यंत पीड़ा के साथ दे रहा हूं इस्तीफा- जस्टिस यशवंत</strong><br><br>राष्ट्रपति द्रौपदी मूर्मू को दिए गए त्यागपत्र में जस्टिस यशवंत वर्मा ने लिखा है-&nbsp;यद्यपि मैं आपके आदरणीय कार्यालय को उन कारणों से विवश नहीं करना चाहता, जिनके कारण मुझे यह पत्र प्रस्तुत करना पड़ रहा है। फिर भी अत्यंत पीड़ा के साथ मैं इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश पद से तत्काल प्रभाव से अपना त्यागपत्र दे रहा हूं।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
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		<title>अवधेश कुमार वर्मा फिर बने सलाहकार समिति के सदस्य</title>
		<link>https://newsx.in/archives/1000</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divy Vichar]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 10 Apr 2026 15:33:11 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[प्रादेशिक]]></category>
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					<description><![CDATA[ऊर्जा सलाहकार समिति में रहकर करेंगे उपभोक्ता हितों की रक्षा लखनऊ। ऊर्जा क्षेत्र की सबसे बड़ी संवैधानिक 21 सदस्यीय राज्य सलाहकार समिति में एक बार फिर अवधेश कुमार वर्मा को सदस्य मनोनीत किया गया है। उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा पहले से ही देश की सर्वोच्च ऊर्जा की सेंट्रल एडवाइजरी कमेटी के सदस्य &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>ऊर्जा सलाहकार समिति में रहकर करेंगे उपभोक्ता हितों की रक्षा </p>



<p></p>



<p>लखनऊ।  ऊर्जा क्षेत्र की सबसे बड़ी संवैधानिक  21 सदस्यीय राज्य सलाहकार समिति में एक बार फिर अवधेश कुमार वर्मा को सदस्य मनोनीत किया गया है।</p>



<p>उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा पहले से ही देश की सर्वोच्च ऊर्जा की सेंट्रल एडवाइजरी कमेटी के सदस्य  है जो भारत का प्रतिनिधित्व करते हैं  । उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग द्वारा विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 87 के अंतर्गत गठित की जाने वाली प्रदेश की ऊर्जा क्षेत्र की सबसे बड़ी संवैधानिक 21 सदस्यीय राज्य सलाहकार समिति के गठन का नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। समिति के अध्यक्ष विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष होंगे, जबकि आयोग के दोनों सदस्य भी इसका हिस्सा रहेंगे। इसके अतिरिक्त समिति में पांच अपर मुख्य सचिव—ऊर्जा, कृषि, खाद्य,  एमएसएमई तथा आईआईडी —को शामिल किया गया है। साथ ही पावर कारपोरेशन के प्रबंध निदेशक, निदेशक (विद्युत सुरक्षा), नेड़ा, यूपीएसएलडीसी, निजी डिस्कॉम के प्रतिनिधि एवं अन्य महत्वपूर्ण पदाधिकारी भी समिति में सदस्य के रूप में शामिल किए गए हैं।विशेष रूप से, प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं का प्रतिनिधित्व करते हुए उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा को एक बार पुनः इस संवैधानिक समिति का सदस्य नामित किया गया है। नोटिफिकेशन जारी होने के साथ ही यह समिति तत्काल प्रभाव से प्रभावी मानी जाएगी और प्रदेश में विद्युत क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण नीतिगत एवं उपभोक्ता हितों के मामलों पर विचार-विमर्श करेगी।</p>



<p>गौरतललब है कि उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा पहले से ही केंद्र की सबसे बड़ी ऊर्जा क्षेत्र की संवैधानिक सेंट्रल एडवाइजरी कमेटी के भी सदस्य हैं जो पूरे भारतवर्ष का प्रतिनिधित्व करते हैं। मनोनयन पर अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि उन्हें एक बार फिर इस महत्वपूर्ण संवैधानिक समिति में कार्य करने का अवसर मिला है। उन्होंने विश्वास जताया कि समिति के माध्यम से प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं की समस्याओं के समाधान हेतु प्रभावी एवं ठोस कदम उठाए जाएंगे तथा उपभोक्ता हितों की रक्षा सुनिश्चित की जाएगी।</p>



<p></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>ए आई आधारित एप बताएगा बच्चों में बीमारी</title>
		<link>https://newsx.in/archives/985</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divy Vichar]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 09 Apr 2026 00:08:42 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[जीवनशैली]]></category>
		<category><![CDATA[देश]]></category>
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					<description><![CDATA[लोहिया संस्थान ने लांच किया एप&#160; &#160;भारत का पहला एआई आधारित-असिस्टेड ‘लिवर पूप ऐप’ हुआ लॉन्च लखनऊ।&#160; डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के&#160; बाल हेपेटोलॉजिस्ट एवं गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. पीयूष उपाध्याय ने तीन वर्षों के प्रयास और पिछले डेढ़ वर्ष की गहन मेहनत के बाद भारत का पहला AI-असिस्टेड मोबाइल एप्लिकेशन – “लिवर पूप” (LiverPoop) &#8230;]]></description>
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<p><strong>लोहिया संस्थान ने लांच किया एप&nbsp;</strong></p>



<p>&nbsp;<strong>भारत का पहला एआई आधारित-असिस्टेड ‘लिवर पूप ऐप’ हुआ लॉन्च</strong></p>



<p>लखनऊ।&nbsp; डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के&nbsp; बाल हेपेटोलॉजिस्ट एवं गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. पीयूष उपाध्याय ने तीन वर्षों के प्रयास और पिछले डेढ़ वर्ष की गहन मेहनत के बाद भारत का पहला AI-असिस्टेड मोबाइल एप्लिकेशन – “लिवर पूप” (LiverPoop) – विकसित किया है।</p>



<p>इस ऐप का उद्घाटन संस्थान के निदेशक प्रो. डॉ. सी.एम. सिंह द्वारा किया गया। इस अवसर पर डॉ. विक्रम सिंह&nbsp; &nbsp;मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, डॉ. अरविंद कुमार सिंह, डॉ. प्रद्युम्न सिंह, डॉ. भुवन चंद्र तिवारी, डॉ. दीप्ति अग्रवाल, डॉ. पीयूष उपाध्याय सहित अन्य संकाय सदस्य उपस्थित रहे।</p>



<p>&nbsp;*<strong>ऐप क्या करता है?*&nbsp;</strong></p>



<p>यह ऐप नवजात शिशुओं (0–1 वर्ष) में बिलीरी एट्रेसिया नामक जानलेवा पित्त नली रोग की स्क्रीनिंग करता है। अध्ययन में इसकी सेंसिटिविटी 100% पाई गई है।</p>



<p>&nbsp;*<strong>क्यों है यह ऐप देश के लिए अमृत समान?*&nbsp;</strong></p>



<p>बिलीरी एट्रेसिया एक गंभीर बीमारी है जिसमें 60 दिनों के भीतर ऑपरेशन (कसाई सर्जरी) होने पर बच्चा सामान्य जीवन जी सकता है। 90 दिनों के बाद लीवर इतना क्षतिग्रस्त हो जाता है कि केवल महंगा लीवर ट्रांसप्लांट या मृत्यु ही विकल्प रह जाता है।</p>



<p>&nbsp;*<strong>वैश्विक उपयोगिता*&nbsp;</strong></p>



<p>यह ऐप केवल भारत के लिए नहीं, बल्कि पूरे विकासशील विश्व के लिए उपयोगी है । 22 विदेशी भाषाएँ – अरबी, स्पेनिश, फ्रेंच, रूसी, चीनी, जापानी आदि</p>



<p>SAARC, ASEAN और अफ्रीकी देशों में उपयोग योग्य</p>



<p>प्रवासी श्रमिक भी अपनी भाषा में इसका उपयोग कर सकते हैं।</p>



<p>&nbsp;<strong>मुख्य विशेषताएँ</strong></p>



<p>बहुभाषीय सपोर्ट: 18 भारतीय + 22 विदेशी भाषाएँ</p>



<p>आसान उपयोग:</p>



<p>फोटो लें → स्क्रीन पर टैप करें → AI बताएगा “सामान्य” या “खतरे का संकेत”</p>



<p>रियल-टाइम डेटा: स्वास्थ्य विभाग को तुरंत जानकारी</p>



<p>शून्य अतिरिक्त लागत: कोई प्रिंटिंग या वितरण खर्च नहीं</p>



<p>&nbsp;स्वास्थ्य तंत्र के लिए अवसर</p>



<p>राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत ASHA/आंगनवाड़ी कार्यकर्ता आसानी से उपयोग कर सकती हैं</p>



<p>समय पर पहचान से लीवर ट्रांसप्लांट की जरूरत में ~20% तक कमी संभव।</p>



<p>डॉ. पीयूष उपाध्याय ने बताया</p>



<p>“हमारा उद्देश्य इस बीमारी को जन्म के तुरंत बाद पहचानना है, ताकि कोई भी बच्चा बिना इलाज के न रहे। यह ऐप हर माँ, हर ASHA कार्यकर्ता को सशक्त बनाता है।</p>



<p>भारत को अब पेपर स्टूल चार्ट पर करोड़ों खर्च करने की आवश्यकता नहीं है – AI आधारित यह ऐप ही भविष्य है।”</p>



<p>वेबसाइट (एंड्रॉइड के लिए निःशुल्क डाउनलोड):</p>



<p><a href="https://liverpoop.netlify.app/⁠">https://liverpoop.netlify.app/⁠</a></p>



<p>जल्द ही: Google Play Store एवं Apple App Store पर उपलब्ध</p>



<p></p>
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		<title>सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य का काशी की धरा पर मंचन</title>
		<link>https://newsx.in/archives/932</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Divy Vichar]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 03 Apr 2026 16:52:42 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म/अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[प्रादेशिक]]></category>
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					<description><![CDATA[सम्राट विक्रमादित्य के जीवन पर आधारित महानाट्य कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व एमपी के सीएम मोहन यादव वाराणसी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सम्राट विक्रमादित्य के जीवन पर आधारित महानाट्य कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर कहा कि भारतीय संस्कृति और परंपरा के महानायक सम्राट विक्रमादित्य के जीवन पर आधारित महानाट्य का आज काशी &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><em>सम्राट विक्रमादित्य के जीवन पर आधारित महानाट्य कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व एमपी के सीएम मोहन यादव</em></p>



<p><em>वाराणसी</em>।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सम्राट विक्रमादित्य के जीवन पर आधारित महानाट्य कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर कहा कि भारतीय संस्कृति और परंपरा के महानायक सम्राट विक्रमादित्य के जीवन पर आधारित महानाट्य का आज काशी की धरा पर मंचन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की अवधारणा का उत्कृष्ट उदाहरण है। इस आयोजन ने मां गंगा के तट पर बाबा विश्वनाथ की पावन धरा को महाकाल की धरा उज्जैन के साथ एक सांस्कृतिक एकता के बंधन से जोड़ने का काम किया है। इसके लिए मैं मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, सांस्कृतिक विभाग के पदाधिकारियों और इस आयोजन से जुड़े सभी कलाकारों का उत्तर प्रदेश में काशी की धरा पर स्वागत करता हूं।</p>



<p>मुख्यमंत्री ने काशी और उज्जैन नगरी के संबंध को रेखांकित करते हुए कहा कि जिस तरह से भारतीय परंपरा में भाई-भाई के संबंध के आदर्श रूप में भगवान राम-लक्ष्मण और कृष्ण-बलराम की जोड़ियां प्रसिद्ध हैं, वैसे ही नाथ संप्रदाय में दीक्षित संत भर्तृहरि और सम्राट विक्रमादित्य की जोड़ी भी प्रसिद्ध है। सम्राट विक्रमादित्य की कर्मस्थली जहां उज्जैन थी, तो वहीं संत भर्तृहरि की साधनास्थली काशी के गंगा तट पार स्थित है। काशी के ठीक उस पार चुनार का किला उनके ही तप और आशीर्वाद से संभव हुआ था। यूपी सरकार चुनार के किले के सौंदर्यीकरण और संरक्षण का कार्य कर रही है।</p>



<p>सीएम योगी ने कहा कि यह आयोजन भारतीय कालगणना की नगरी उज्जैन और पंचांग निर्माण की नगरी काशी का सम्मिलन है, जो भारत की कालगणना की परंपरा को वैश्विक स्तर पर स्थापित करेगा। वर्ष 2014 के बाद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जिस तरह से देश के पारंपरिक ज्ञान और कौशल का विकास किया जा रहा है, उसे आज पूरा विश्व स्वीकार कर रहा है। भारतीय परंपरा का योग हो या आयुष, आज पूरा विश्व उसे स्वीकार कर रहा है। कुंभ की परंपरा हजारों वर्ष पुरानी है, लेकिन वर्ष 2019 में जब प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में इसका भव्य आयोजन किया गया तो पूरा विश्व इसमें सहभागी बना। पूरी दुनिया से 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालु प्रयागराज की धरा पर महाकुंभ में आए।</p>



<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि काशी विश्वनाथ कॉरिडोर और अयोध्या धाम में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर के निर्माण के बाद से देश-विदेश के करोड़ों श्रद्धालु हर वर्ष काशी और अयोध्या आ रहे हैं। अयोध्या नगरी के पुनरुत्थान में भी महाराज विक्रमादित्य की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। 2000 वर्ष पहले अयोध्या नगरी को खोजने का कार्य सम्राट विक्रमादित्य ने ही किया था। प्रभु श्रीराम के पुत्र लव के बाद सबसे पहले श्रीराम मंदिर भी सम्राट विक्रमादित्य ने बनवाया था। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सम्राट विक्रमादित्य के प्रयासों को ही आगे बढ़ाने का कार्य किया जा रहा है।</p>



<p>मुख्यमंत्री ने सम्राट विक्रमादित्य के जीवन पर आधारित इस नाट्य प्रस्तुति को केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों और परंपराओं से जोड़ने का एक सशक्त प्रयास बताया। उन्होंने कहा कि नाटक, कला और सिनेमा समाज को दिशा देने का माध्यम होते हैं और कलाकारों द्वारा निभाए गए पात्र युवाओं के लिए प्रेरणा बनते हैं। मैं सिनेमा निर्माताओं को भी सुझाव देता हूं कि सकारात्मक चरित्रों को ही नायक के रूप में प्रस्तुत करना चाहिए। एक कालखंड था, जब सिनेमा नकारात्मक चरित्रों को नायक के रूप में स्थापित करता था। इसका परिणाम यह हुआ कि देश की एक पीढ़ी इससे प्रभावित होकर बर्बाद हो गई।</p>



<p>मुख्यमंत्री ने इस नाट्य रूपांतरण को भारतीय संस्कृति, पराक्रम, दानवीरता, न्याय व्यवस्था और सुशासन जैसे मूल्यों को पुनर्जीवित करने का माध्यम बताया। साथ ही उन्होंने कहा कि यह प्रयास आज की नई पीढ़ी को अपने प्राचीन सांस्कृतिक मूल्य और आदर्शों से जोड़ने के वृहद अभियान का एक हिस्सा है। इस सराहनीय प्रयास के लिए उन्होंने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, संस्कृत विभाग और सभी कलाकारों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन भारतीय सांस्कृतिक धरोहर को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।</p>
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