
जमीन पर अब किसी तरह का कोई कानूनी विवाद नह
लखनऊ। गोमतीनगर स्थित सहारा सिटी अब पूरी तरह खाली होने की प्रक्रिया में है। सरकार की ओर से यहां नई विधानसभा बनाने की तैयारी है।
सहारा सिटी से सामान निकाल कर खाली किया जा रहा है। प्रशासन की ओर से साफ निर्देश दिए गए हैं कि एक बार परिसर से निकाला गया सामान दोबारा अंदर नहीं लाया जा सकेगा। साथ ही सहारा प्रबंधन के लोगों के प्रवेश पर भी रोक लगाई जा रही है। यह कार्रवाई लखनऊ नगर निगम के निर्देश पर की जा रही है, जिसने पूरे परिसर को खाली कराने का आदेश दिया है।
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने सहारा सिटी की लीज समाप्त करने के फैसले को सही ठहराते हुए इस जमीन को नगर निगम को सौंपने का आदेश दिया है। सहारा सिटी की जमीन का विवाद नया नहीं है। नगर निगम ने लीज की शर्तों के उल्लंघन और 30 साल की अवधि पूरी होने के आधार पर 6 अक्टूबर को इस जमीन को अपने कब्जे में ले लिया था। इसके खिलाफ सहारा प्रबंधन पहले हाईकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, लेकिन दोनों जगह से राहत नहीं मिली। 16 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने भी याचिका खारिज कर दी।
गौरतलब है कि 1994 में सहारा इंडिया हाउसिंग लिमिटेड को 170 एकड़ जमीन आवासीय योजना विकसित करने के लिए दी गई थी, जिसमें 130 एकड़ में कॉलोनी और 40 एकड़ ग्रीन बेल्ट विकसित करना था।
अब इस पूरी जमीन पर सरकार की नजर है और यहां नया विधानसभा भवन बनाने की योजना पर काम शुरू हो चुका है। लखनऊ विकास प्राधिकरण को इस परियोजना का नोडल एजेंसी बनाया गया है, जो डीपीआर और डिजाइन तैयार करने के लिए कंसल्टेंट नियुक्त करने की प्रक्रिया में जुटा है।




