रबी विपणन के लिए तूर, चना, मसूर एवं लाही-सरसों की खरीद के लक्ष्यों का आवंटन
लखनऊ। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने विभागीय अधिकारियों के साथ रबी विपणन वर्ष 2026-27 (रबी 2025-26 मौसम) में खरीद व्यवस्था की समीक्षा की । तय हुआ कि मूल्य समर्थन योजना का लाभ फार्मर रजिस्ट्री कराने के बाद ही किसानों को मिल सकेगा।
बैठक में बताया गया कि मूल्य समर्थन योजना के अंतर्गत विभिन्न फसलों की खरीद का निर्देश जारी कर दिया गया है। तूर (अरहर-खरीफ), चना, मसूर एवं लाही-सरसों की अधिकतम अनुमन्य मात्रा के खरीद के लिए केंद्रीय और राज्य स्तरीय एजेंसियों के मध्य लक्ष्यों का विभाजन सुनिश्चित कर दिया गया है। इस वर्ष इन फसलों की खरीद की कार्यवाही 07 अप्रैल, 2026 से होगी
प्रदेश में केंद्रीय क्रय एजेंसियों के मध्य लक्ष्यों का आवंटन 80:20 के अनुपात में किया गया है। इसके तहत नैफेड को कुल लक्ष्य का 80 प्रतिशत और एनसीसीएफ को 20 प्रतिशत हिस्सा आवंटित किया गया है। इसके अंतर्गत नैफेड को प्रदेश के 55 जनपदों की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि एनसीसीएफ को 20 जनपदों का आवंटन किया गया है। नैफेड द्वारा तूर का 91,024 मीट्रिक टन, चना का 1,79,200 मीट्रिक टन, मसूर का 5,41,600 मीट्रिक टन और लाही-सरसों का 4,24,000 मीट्रिक टन क्रय किया जाएगा। वहीं एनसीसीएफ को तूर के लिए 22,756 मीट्रिक टन, चना 44,800 मीट्रिक टन, मसूर 1,35,400 मीट्रिक टन और लाही-सरसों 1,06,000 मीट्रिक टन का लक्ष्य दिया गया है। इस प्रकार कुल स्वीकृत लक्ष्य तूर के लिए 1,13,780, चना के लिए 2,24,000, मसूर के लिए 6,77,000 तथा लाही-सरसों के लिए 5,30,000 मीट्रिक टन निर्धारित है।
बैठक के दौरान कृषि विभाग के प्रमुख सचिव रवींद्र, निदेशक कृषि डॉ. पंकज त्रिपाठी सहित कृषि विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।



