
ऊर्जा सलाहकार समिति में रहकर करेंगे उपभोक्ता हितों की रक्षा
लखनऊ। ऊर्जा क्षेत्र की सबसे बड़ी संवैधानिक 21 सदस्यीय राज्य सलाहकार समिति में एक बार फिर अवधेश कुमार वर्मा को सदस्य मनोनीत किया गया है।
उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा पहले से ही देश की सर्वोच्च ऊर्जा की सेंट्रल एडवाइजरी कमेटी के सदस्य है जो भारत का प्रतिनिधित्व करते हैं । उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग द्वारा विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 87 के अंतर्गत गठित की जाने वाली प्रदेश की ऊर्जा क्षेत्र की सबसे बड़ी संवैधानिक 21 सदस्यीय राज्य सलाहकार समिति के गठन का नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। समिति के अध्यक्ष विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष होंगे, जबकि आयोग के दोनों सदस्य भी इसका हिस्सा रहेंगे। इसके अतिरिक्त समिति में पांच अपर मुख्य सचिव—ऊर्जा, कृषि, खाद्य, एमएसएमई तथा आईआईडी —को शामिल किया गया है। साथ ही पावर कारपोरेशन के प्रबंध निदेशक, निदेशक (विद्युत सुरक्षा), नेड़ा, यूपीएसएलडीसी, निजी डिस्कॉम के प्रतिनिधि एवं अन्य महत्वपूर्ण पदाधिकारी भी समिति में सदस्य के रूप में शामिल किए गए हैं।विशेष रूप से, प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं का प्रतिनिधित्व करते हुए उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा को एक बार पुनः इस संवैधानिक समिति का सदस्य नामित किया गया है। नोटिफिकेशन जारी होने के साथ ही यह समिति तत्काल प्रभाव से प्रभावी मानी जाएगी और प्रदेश में विद्युत क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण नीतिगत एवं उपभोक्ता हितों के मामलों पर विचार-विमर्श करेगी।
गौरतललब है कि उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा पहले से ही केंद्र की सबसे बड़ी ऊर्जा क्षेत्र की संवैधानिक सेंट्रल एडवाइजरी कमेटी के भी सदस्य हैं जो पूरे भारतवर्ष का प्रतिनिधित्व करते हैं। मनोनयन पर अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि उन्हें एक बार फिर इस महत्वपूर्ण संवैधानिक समिति में कार्य करने का अवसर मिला है। उन्होंने विश्वास जताया कि समिति के माध्यम से प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं की समस्याओं के समाधान हेतु प्रभावी एवं ठोस कदम उठाए जाएंगे तथा उपभोक्ता हितों की रक्षा सुनिश्चित की जाएगी।



