अब तक 19 लाख 81 हजार से अधिक बनाए गए आयुष्मान कार्ड
बरेली प्रथम, आजमगढ़ दूसरे और जौनपुर तीसरे स्थान पर
लखनऊ। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में लाभार्थियों को जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। कार्ड बनाने के मामले में देशभर में यूपी पहले स्थान पर है।
अब तक 19 लाख 81 हजार से अधिक आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। अभियान में विशेष रूप से आशा कार्यकर्ताओं, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, आंगनबाड़ी सहायिकाओं एवं उनके परिवारों को प्राथमिकता दी जा रही है। अभियान के दौरान जनपद बरेली ने सर्वाधिक प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जबकि आजमगढ़ दूसरे और जौनपुर तीसरे स्थान पर रहे हैं। जीरो पावर्टी अभियान के अंतर्गत चिन्हित गरीब परिवारों को भी आयुष्मान योजना से जोड़ा जा रहा है, जिसमें बागपत, अमरोहा, सहारनपुर, गाजियाबाद एवं गौतमबुद्ध नगर जैसे जनपदों ने सराहनीय कार्य किया है। साचीज की मुख्य कार्यकारी अधिकारी अर्चना वर्मा ने बताया कि प्रदेश में अब तक लगभग 5.70 करोड़ आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं, जिसके माध्यम से करोड़ों परिवारों को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये तक के कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध हो रही है। इसके अतिरिक्त, 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए संचालित वय वंदना योजना के तहत लगभग 26 लाख 55 हजार बुजुर्गों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं।
30 मार्च तक इस अभियान के अंतर्गत 19 लाख 81 हजार से अधिक कार्ड बनाए जा चुके हैं। यह अभियान स्वास्थ्य विभाग, पंचायती राज विभाग तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के समन्वय से संचालित किया जा रहा है।
जिलों की स्थिति
जनपदवार प्रगति में बरेली ने 1,24,096 कार्ड बनाकर प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि आजमगढ़ (1,10,821) दूसरे, जौनपुर (91,954) तीसरे, प्रयागराज (82,862) चौथे और आगरा (79,603) पांचवें स्थान पर रहे।
आशा के लिए भी आयुष्मान कार्ड
फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं की प्रगति पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि प्रदेश के लगभग 4.28 लाख आशा कार्यकर्ताओं एवं उनके परिवारों में से 3.30 लाख से अधिक के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं, जबकि शेष लगभग 1.02 लाख पर कार्य जारी है। इसी प्रकार, 2.17 लाख आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं उनके परिवारों में से 1.55 लाख तथा 2.32 लाख आंगनबाड़ी सहायिकाओं एवं उनके परिवारों में से लगभग 1.53 लाख लोगों के कार्ड बनाए जा चुके हैं।
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